जागरण संवाददाता, रोहतक : कार लोन के नाम पर दो अलग-अलग लोगों ने मिलकर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को करीब 18 लाख रुपये की चपत लगा दी। आरोपितों ने जिस फर्म से कार खरीदने के लिए लोन लिया था वह भी फर्जी निकली। बैंक मैनेजर की तरफ से सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को दी गई शिकायत में सुभाष नगर एसबीआइ ब्रांच के मैनेजर अजित सिंह ने बताया कि जून 2015 में उनके बैंक में ओमेक्स सिटी निवासी कुलदीप सिंह ने कार खरीदने के लिए साढ़े आठ लाख रुपये लोन लिया था। यह राशि पीतमपुरा दिल्ली स्थित कृष ऑटो मोटर्स के खाते में भेजी गई थी। इसमें कुलदीप सिंह की पत्नी नवजोर कौर गारंटर थी। किश्त जमा नहीं होने पर बैंक ने अपने स्तर पर जांच पड़ताल की। इसमें कुलदीप और उसकी पत्नी का मोबाइल नंबर बंद मिला और ओमैक्स सिटी में भी इस नाम से कोई व्यक्ति नहीं मिला। लोगों ने बताया कि वह किराए पर रहने आए थे, जो मकान खाली करके चले गए हैं। इसी तरह सेक्टर-2 निवासी दीनानाथ ने भी कार खरीदने के लिए नौ लाख 90 हजार का लोन लिया और उसकी राशि भी बैंक की तरफ से कृष ऑटो मोटर्स के खाते में भेज दी गई। इस केस में भी दीनानाथ की पत्नी सुनीता सिंह गारंटर बनी थी। उन्होंने भी किश्त जमा नहीं की। जांच में पता चला कि वह भी इस नाम से भी सेक्टर-2 में कोई नहीं रहता। इसके बाद कृष ऑटो मोटर्स के बारे में जानकारी जुटाई, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ कि यह फर्म भी फर्जी है। यानी कि सभी ने फर्जीवाड़ा कर बैंक के साथ धोखा किया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

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Posted By: Jagran

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