जागरण संवाददाता, रेवाड़ी : गांव ठोठवाल के निकट ग्रामीणों ने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेड कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के ट्रैक बिछाने का काम रोक दिया। रेलवे ट्रैक की निर्माण सामग्री के लिए गांव के निकट बनाए गए प्लांट का काम भी रुकवा दिया गया है। ग्रामीण ठोठवाल की ओर जाने वाले मार्ग के लिए ट्रैक के ऊपर से फ्लाईओवर बनाने की मांग कर रहे है। 11 गांवों के ग्रामीणों ने बुधवार से ट्रैक बिछाने वाली जगह पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरना स्थल पर पहुंचे रामपुरा थाना एसएचओ के साथ ग्रामीणों की बहस भी हुई। ग्रामीणों ने कहा कि फ्लाईओवर की मांग पूरी होने के बाद ही उनका धरना व आंदोलन खत्म होगा। 60 साल पुराना रास्ता हुआ बंद

धरने पर बैठे ग्रामीणों का कहना है कि यह 60 साल से भी पुराना मार्ग है जो दिल्ली-जयपुर हाईवे पर शाहजहांपुर तक जाता है और इस पर नारायणपुर, ठोठवाल, दाना आलमपुर, नंगली गोधा, गोलियाका, भांडौर, ढाणी भांडौर, राजियाका, पुन्सीका, बधराणा, प्रागपुरा, बेरवाल, आरामनगर, कनुका, सांतो व रायसराना गांव भी मौजूद है। डब्ल्यूडीएफसी ट्रैक के कारण यह मार्ग बंद हो गया है और 11 गांवों के ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया है। इस सड़क से ढाई किलोमीटर दूर गांव धामलावास में अंडरपास है। ग्रामीणों को अपने ही गांव में आने के लिए पांच किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी। बिना किसी विकल्प के सड़क बंद कर दी गई है। इस सड़क से सैकड़ों की संख्या में बच्चे स्कूलों व अन्य शिक्षण संस्थाओं में जाते है, जिनमें छात्राएं भी शामिल हैं। ग्रामीण पिछले चार माह से डब्ल्यूडीएफसी व स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के पास चक्कर लगा रहे है, परंतु कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। इस मामले में ग्राम पंचायत द्वारा पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की है। ग्रामीणों ने बंद कराया काम

बुधवार को ग्रामीणों ने ट्रैक बिछाने का काम रोक दिया। ट्रैक की निर्माण सामाग्री तैयार करने वाले प्लांट का काम भी रोक दिया है। प्लांट रुकने से अन्य जगहों पर चल रहे निर्माण का कार्य भी प्रभावित हो गया है। रामपुरा थाना एसएचओ पवन कुमार भी धरना स्थल पर पहुंचे तथा अन्य जगहों का निर्माण कार्य जारी रहने देने का आग्रह किया। ग्रामीणों की एसएचओ के साथ बहस भी हुई। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक समाधान नहीं होगा उनका धरना व आंदोलन जारी रहेगा। यदि समस्या के समाधान की ओर ध्यान नहीं दिया गया या उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया गया तो सभी गांवों के ग्रामीण एकत्रित होकर आंदोलन को और तेज करेंगे।

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ग्रामीणों ने शुरूआत में ही प्रशासन व डब्ल्यूडीएफसी के अधिकारियों को रास्ता बंद होने के बारे में बता दिया था, परंतु अब तक झूठा आश्वासन मिलता रहा। समाधान की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।

-महेंद्र ¨सह, पुन्सिका।

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मजबूरी में ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। ग्रामीणों को दूसरे गांव में बने अंडरपास से रास्ता देने की कह रहे है। आने-जाने की दूरी पांच किलोमीटर होगी। इतनी दूर तो गांव से रेवाड़ी शहर भी नहीं है। हमें 11 गांवों की इस सड़क पर फ्लाईओवर चाहिए।

-मूलचंद, ठोठवाल

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फ्लाईओवर बनाने की जगह के लिए ग्रामीण जमीन देने के लिए भी तैयार है। परंतु अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे है। ग्रामीण अपनी मांग को लेकर शांतिपूर्वक धरना दे रहे है। मांग नहीं मांगी तो आंदोलन और तेज होगा।

-भगत ¨सह नारायणपुर

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अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिले है। इस मामले को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर की गई है। 11 गांवों के हजारों लोगों का यहां से आवागमन है। बिना समाधान के सड़क बंद करना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने शांतिपूर्वक अपना आंदोलन शुरू किया है। यह आगे भी जारी रहेगा।

-राजेश कुमार, सरपंच ठोठवाल

Posted By: Jagran

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