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रेवाड़ी में पीयूसी नियम की अनदेखी: पेट्रोल पंप बिना जांच के दे रहे ईंधन, प्रदूषण नियंत्रण पर सवाल

Published: Sat, 03 Oct 2026 05:05 PM (IST)

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के नियम के अनुसार 1 अक्टूबर से बिना वैध पीयूसी के वाहनों को ईंधन नहीं दिया ...और पढ़ें

रेवाड़ी में वायु गुणवत्ता आयोग के पीयूसी नियम दरकिनार, बिना जांच ईंधन दे रहे पेट्रोल पंप

रेवाड़ी में वायु गुणवत्ता आयोग के पीयूसी नियम दरकिनार, बिना जांच ईंधन दे रहे पेट्रोल पंप

HighLights

  1. 1 अक्टूबर से बिना वैध पीयूसी के ईंधन देना प्रतिबंधित।

  2. रेवाड़ी में पेट्रोल पंप पीयूसी जांच नियम का उल्लंघन कर रहे।

  3. अधिकांश पंप संचालक नियम से अनभिज्ञ, निगरानी का अभाव।

जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से एक अक्टूबर से बिना वैद्य प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसी) के पेट्रोल पंपों पर वाहनों को ईंधन देने से रोक लगा दी है।

प्रत्येक पेट्रोल पंप पर आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकाग्निशन कैमरे लगाए जाने थे, लेकिन रेवाड़ी जिले में इस व्यवस्था का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। वैध पीयूसी नहीं होने पर 10 हजार रुपये जुर्माना का प्रविधान है।

दरअसल, शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर वाहन चालक सामान्य रूप से ईंधन भरवाते नजर आ रहे हैं। शनिवार को दैनिक जागरण ने शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर पड़ताल की, जिसमें बिना पीयूसी की जांच के ही ईंधन दिया जा रहा था।

अधिकांश पेट्रोल पंप संचालकों को ही इसकी जानकारी ही नहीं है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब आयोग ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए स्पष्ट व्यवस्था लागू की है, तो जिलेभर में इसकी निगरानी और पालना सुनिश्चित क्यों नहीं की जा रही है।

नियम लागू, लेकिन जांच व्यवस्था स्पष्ट नहीं...

आयोग के निर्देशों का उद्देश्य ऐसे वाहनों को सड़क से दूर रखना है, जिनका प्रदूषण प्रमाण पत्र वैध नहीं है। इसके तहत पेट्रोल पंप संचालकों को ईंधन देने से पहले वाहन का पीयूसी प्रमाण पत्र जांचना होगा। नियम की पालना नहीं होने पर संबंधित स्तर पर कार्रवाई का प्रावधान भी है।

रेवाड़ी एनसीआर क्षेत्र में आता है और यहां वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पीयूसी जांच की व्यवस्था प्रभावी तरीके से लागू नहीं होने पर प्रदूषण नियंत्रण के इस प्रयास पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पेट्रोल पंप संचालकों की जिम्मेदारी बढ़ी......

नए नियम के बाद पेट्रोल पंप संचालकों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। उन्हें ईंधन देने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि वाहन का पीयूसी प्रमाण पत्र वैध है। इसके लिए पंपों पर जांच की व्यवस्था की जानी है। इसके लिए प्रत्येक पंप पर आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकाग्निशन कैमरे लगाए जाने थे, लेकिन जिले में ये आदेश केवल कागजों तक सीमित रह गए। इस कैमरे से 10 या 15 वर्ष पुराने वाहनों का पता लगाया जा सकेगा।

इस संबंध में मुख्यालय की ओर से अभी तक कोई आदेश नहीं मिले है। जैसे ही आदेश मिलने के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।

-नितिश सिंगला, खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक, रेवाड़ी।

जिले में एक अक्टूबर से यह व्यवस्था लागू हो चुकी है। प्रत्येक पेट्रोल पंप आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकाग्निशन कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने ताकि पीयूसी प्रमाण पत्र एवं वाहनों की निर्धारित अवधि का पता लगाया जा सके।


-सुधीर बल्हारा, सहायक प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी, रेवाड़ी।

 

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