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रेवाड़ी पुलिस का नशा मुक्ति अभियान: ग्रामीणों को किया जागरूक, पीड़ितों का इलाज जारी

Published: Sat, 03 Oct 2026 01:47 PM (IST)

रेवाड़ी में जिला पुलिस की नशा मुक्त टीम ने गुरावड़ा गांव में डोर-टू-डोर जाकर ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों के ...और पढ़ें

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HighLights

  1. गुरावड़ा गांव में नशा मुक्त टीम ने ग्रामीणों को जागरूक किया।

  2. एक नशा पीड़ित की काउंसलिंग कर डी-एडिक्शन सेंटर में भर्ती कराया।

  3. अब तक 298 पीड़ितों की पहचान, 102 का सफल इलाज हुआ।

जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। रेवाड़ी में जिला पुलिस की नशा मुक्त टीम ने शनिवार को गांव गुरावड़ा में डोर टू डोर जाकर ग्रामीणों के साथ बैठक कर गांवों को नशा मुक्त करने तथा लोगों को नशे से दूर रखने को लेकर विचार-विमर्श किया।

नशामुक्ति टीम ने एक नशा पीड़ित व्यक्ति की काउंसलिंग करवाकर रेवाड़ी के डी एडिक्शन सेंटर में भर्ती करवाया है। उसे इलाज के लिए प्रेरित किया गया है। नशा मुक्ति टीम द्वारा अब तक नशे से पीड़ित 298 लोगों की पहचान की गई है, जो किसी न किसी प्रकार के नशे से पीड़ित है। इसके अलावा 102 नशा पीड़ितों का इलाज करवाया गया है।

नशे पर नियंत्रण पाया जा सकता है: एएसआई कविता

नशा मुक्ति टीम से एएसआई कविता ने बताया कि पुलिस और आमजन अगर आपस में तालमेल के साथ कार्य करें तो नशे जैसी बुराई पर नियंत्रण पाया जा सकता है। नशा एक ऐसी बुराई है, जिससे व्यक्ति का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है। नशा करने वाला व्यक्ति अपने साथ साथ पूरे परिवार का जीवन खराब कर देता है। सबसे पहले युवा पीढ़ी को नशे से बचाना होगा।

उन्होंने कहा कि पुलिस के इस अभियान से प्रेरित होकर जहां युवा शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। वहीं पर अनेक नशा ग्रस्त युवकों ने नशा छोड़ने की पहल भी की है, जिनका स्थानीय प्रशासन की मदद से इलाज करवाकर उन्हें फिर से समाज की मुख्यधारा में शामिल किया गया है।

नशा एक अभिशाप है

उन्होंने कहा कि नशा एक अभिशाप है। इसका मिलकर बहिष्कार करें। अगर आपके पास किसी प्रकार की नशे संबंधी सूचना है कोई व्यक्ति नशे का प्रयोग करता है या नशे की सप्लाई आदि करता है, तो इस बारे पुलिस को मनस हेल्पलाइन नंबर 1933 या 112 नंबर पर सूचित करे। पता व जानकारी बताने वाले व्यक्ति का नाम पता गुप्त रखा जाएगा।