रेवाड़ी में बाजरा बेचने आए किसानों की बढ़ी आफत, टोकन के लिए लग रहीं लंबी कतारें; समय और पैसे की बर्बादी
रेवाड़ी अनाज मंडी में बाजरा बेचने आए किसानों को टोकन के लिए डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।
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टोकन के लिए रेवाड़ी के किसान परेशान, जागरण आर्काइव।
HighLights
बाजरा बेचने आए किसानों को टोकन में देरी।
मंडी में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी।
मार्केट कमेटी ने अतिरिक्त काउंटर का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। अनाज मंडी में बाजरा बेचने के लिए पहुंच रहे किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। मंडी के दोनों गेटों पर टोकन कटवाने के लिए किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं।
किसानों को टोकन लेने के लिए एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके अलावा मंडी में पेयजल सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी के चलते भी किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
समय और पैसे दोनों की बर्बादी
किसानों का कहना है कि बाजरा बेचने के लिए उन्हें सुबह से शाम तक मंडी में इंतजार करना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है। किसानों के अनुसार, मंडी में बाजरा लेकर पहुंचने के लिए कई किसानों को किराए पर ट्रैक्टर-ट्राली करनी पड़ती है।
ऐसे में खरीद प्रक्रिया में देरी होने से किराए का खर्च बढ़ जाता है। लंबे समय तक मंडी में रुकने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
क्या है किसानों की मांग?
किसानों का कहना है कि यदि टोकन काटने की प्रक्रिया को तेज किया जाए और खरीद व्यवस्था को व्यवस्थित किया जाए तो उन्हें राहत मिल सकती है। सुबह से मंडी में पहुंचने वाले किसानों को अपनी बारी का इंतजार करते हुए घंटों बिताने पड़ते हैं।
संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि दोनों गेटों पर टोकन वितरण की व्यवस्था को सुचारु किया जाए, ताकि लंबी कतारों से राहत मिल सके।
किसान अपनी मर्जी से रात को मंडी पहुंच जाते है। मंडी के दोनों गेट पर किसानों के लिए पानी की व्यवस्था की गई है। टोकन कटने में अधिक समय नहीं लग रहा है, लेकिन अगर किसानों ने ऐसा बताया है तो इसकी जांच कर सोमवार से काउंटर बढ़ा दिए जाएंगे।
-नरेंद्र यादव, सचिव, मार्केट कमेटी
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