रेवाड़ी अनाज मंडी में बाजरा खरीद, किसानों को 12 घंटे का लंबा इंतजार
रेवाड़ी और कोसली की अनाज मंडियों में बाजरे की बंपर आवक के कारण किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए 12-12 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।

रेवाड़ी अनाज मंडी में बाजरा खरीद ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
रेवाड़ी मंडी में बाजरे की बंपर आवक जारी
किसानों को फसल बेचने के लिए 12 घंटे इंतजार
26 अक्टूबर से रोस्टर की बाध्यता समाप्त होगी
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। रेवाड़ी की अनाज मंडी में बाजरे की बंपर आवक हो रही है। मंडी में अपनी फसल बेचने के लिए किसानों को 12-12 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है।
हालात ऐसे हैं कि रात नौ बजे से ही मंडी के गेट पर ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं। सुबह होते-होते यह कतारें एक से दो किलोमीटर तक पहुंच जाती है।
बाजरे की हो रही खरीद
मंडी में बाजरे की आवक का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रोजाना करीब 500 से अधिक गेट पास काटे जा रहे हैं। अब तक रेवाड़ी अनाज मंडी में 5.80 लाख क्विंटल बाजरे की खरीद हो चुकी है।
रोजाना बड़ी संख्या में किसान अपनी ट्रैक्टर-ट्रालियों में बाजरा लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। इससे मंडी के गेट पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और किसानों का काफी समय इंतजार में बीत रहा है।
कोसली मंडी में भी बंपर आवक
रेवाड़ी की तरह कोसली की अनाज मंडी में भी बाजरे की बंपर आवक हो रही है। सरकार की ओर से बाजरे की सीधी सरकारी खरीद करने के बजाय भावांतर भरपाई योजना के तहत किसानों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
मंडी में प्राइवेट आढ़ती बाजरे की खरीद कर रहे हैं। ऐसे में किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडी की व्यवस्था और खरीद प्रक्रिया के अनुसार इंतजार करना पड़ रहा है।
दिन से रोस्टर के हिसाब से हो रही खरीद
Bपिछले 20 दिनों से मंडी में बाजरे की खरीद रोस्टर के हिसाब से की जा रही है। इसके चलते अलग-अलग गांवों के किसानों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचना पड़ रहा है।
हालांकि, 26 अक्टूबर से जिले के किसी भी गांव का किसान मंडी में पहुंचकर अपनी फसल बेच सकेगा। इस व्यवस्था के लागू होने से किसानों को रोस्टर के अनुसार मंडी पहुंचने की बाध्यता से राहत मिलेगी।
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