मिलावटखोरों पर गिरेगी गाज, अब एक्शन में खाद्य सुरक्षा अधिकारी, ताबड़तोड़ कार्रवाई से हड़कंप
दीपावली के त्योहार से पहले रेवाड़ी में खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी ...और पढ़ें

दीपावली से पहले रेवाड़ी में मिलावटखोरों पर खाद्य विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई ( एआई जेनरेटेड इमेज)
HighLights
रेवाड़ी में दीपावली से पहले मिलावटखोरों पर विभाग की कार्रवाई।
खाद्य सुरक्षा टीम ने मिठाई की दुकानों से 16 सैंपल लिए।
दूध, खोवा, लड्डू सहित विभिन्न मिठाइयों के नमूने जांचे गए।
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। त्योहार के सीजन में बाजार मिलावटखोरी से अटा पड़ा है। जबकि जिम्मेदारों की नींद दीपावली नजदीक आने के बाद टूटी है। यही वजह है कि पिछले तीन-चार दिनों से ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है।
बुधवार की देर रात तक खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने पूरे जिले में अलग-अलग मिठाई की दुकान और गोदाम से कुल 16 सैंपल लिए, जबकि बृहस्पतिवार की शाम तक कोसली कस्बा में विभाग की कार्रवाई जारी रही। इस दौरान पांच से ज्यादा जगह पर सैंपल लिए गए हैं।
प्रयोगशाला भेजे गए सभी सैंपल
खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार को देर शाम तक जांच करने के साथ सैंपल लिए गए। इससे पहले बावल क्षेत्र में अलग-अलग जगह से विभिन्न प्रकार की मिठाइयों के 16 सैंपल लिए गए। सभी सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
टीम ने बिठवाना, करनावास, सुठाना, बनीपुर चौक और बावल क्षेत्र में दुकानों पर जांच की। इस दौरान मिठाइयों की गुणवत्ता और उनमें मिलावट में संदेह होने पर नमूने लिए गए। बिठवाना गांव से दूध, खोवा और गुलाब जामुन के नमूने लिए गए, जबकि करनावास से बूंदी के लड्डू की जांच कर नमूने लिए गए।
सुठाना क्षेत्र से मावा बर्फी, पतीसा, डोडा बर्फी, मिल्क केक और रसगुल्ला के नमूने लिए गए। बनीपुर चौक से रसगुल्ला, मलाई बर्फी और बेसन के लड्डू के सैंपल लिए गए। बावल क्षेत्र में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिठाइयों की दुकानों की जांच की।
यहां से मावा बर्फी, मावा, काजू कतली, गुलाब जामुन, बेसन के लड्डू, बूंदी के लड्डू और रसगुल्ला सहित विभिन्न मिठाइयों के सैंपल लिए गए।
आमजन से भी सावधानी बरतने की अपील
जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी का कहना है कि दीपावली जैसे बड़े त्योहार में मिठाइयों की डिमांड बढ़ने के साथ मिलावट के मामले ज्यादा आते हैं। ऐसे में आमजन को मिलावट की प्राथमिक पहचान करने की जरूरत है।
दूध में डिटर्जेंट, यूरिया और पानी, मावा में स्टॉर्च और वनस्पति घी, जबकि घी में पाम आयल, मिठाइयों को चमकीला बनाने के लिए एल्युमिनियम फायल का उपयोग करते हैं जो स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है।
शुद्ध मावा कठोर होता है। मावा में ऑयोडिन सोल्यूशन डालेंगे तो मिलावट होने पर उसका रंग बैंगनी हो जाएगा। यदि मावा चखने पर कड़वा महसूस हो या फिर जीभ पर चिपकने लगे तो इसमें वनस्पति घी की मिलावट है।
इसी प्रकार मिठाई को गर्म पानी में डालें, आयोडीन लें और इसे मिठाई वाले कटोरे में डाल दें। मिठाई घुलकर रंग बदलती है, तो मिलावट है। मिलावट का संदेह हो तो टोल फ्री नंबर 1800112100 पर भी शिकायत कर सकते हैं।
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