जागरण संवाददाता, रेवाड़ी: कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए शिक्षा विभाग द्वारा प्राइमरी व मिडिल स्कूलों के विद्यार्थियों के स्वास्थ्य के मद्देनजर आक्सीमीटर उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग के इस निर्णय से जिला के 493 प्राइमरी व मिडिल स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 40 हजार विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की तरफ से तीसरी लहर में सबसे ज्यादा बच्चों के प्रभावित होने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते विभाग की ओर से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को आक्सीमीटर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है ताकि समय-समय पर विद्यार्थियों के आक्सीजन स्तर की जांच हो सके। निदेशालय की ओर से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के पास आक्सीमीटर भेजे जा चुके हैं। स्कूलों में हर कक्षा के लिए एक आक्सीमीटर वितरित किया जाएगा। वहीं किसी कक्षा में एक से अधिक सेक्शन होने की स्थिति में अलग से आक्सीमीटर उपलब्ध कराए जाएंगे। बता दें कि फिलहाल स्कूलों में छठी से बारहवीं तक की कक्षाएं ही लग रही हैं जिनमें रोस्टर अनुसार ही विद्यार्थी पहुंच रहे हैं।

नियमित रूप से जांचा जाएगा विद्यार्थियों का आक्सीजन स्तर: शिक्षा विभाग के अनुसार स्कूलों में आने वाले विद्यार्थियों के नियमित रूप से आक्सीजन स्तर की जांच की जाएगी। अगर किसी विद्यार्थियों का आक्सीजन स्तर निर्धारित से कम पाया जाता है तो चिकित्सक के परामर्श अनुसार इलाज दिलवाया जाएगा। हालांकि जिला में कोरोना की रफ्तार न के बराबर है। पिछले एक सप्ताह से जिला में एक भी कोरोना संक्रमित केस नहीं आया है, लेकिन शिक्षा विभाग बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता है। इसलिए विद्यालयों में कोरोना से बचाव को लेकर इंतजाम किए जा रहे हैं।

निदेशालय की तरफ से हमारे पास आक्सीमीटर आ गए हैं। हमने सभी बीईओ को अपने-अपने खंड के आक्सीमीटर ले जाने के लिए सूचना भेज दी है। जल्द खंड अनुसार स्कूलों में आक्सीमीटर का वितरण करा दिया जाएगा। स्कूलों में विद्यार्थियों के कोविड से बचाव को लेकर पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।

- डा. खुशीराम यादव, उप जिला शिक्षा अधिकारी

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