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भिवाड़ी में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर सख्ती, रेड अलर्ट पर बिना नोटिस बंद होंगी इकाइयां

Published: Tue, 13 Oct 2026 03:52 PM (IST)

प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भिवाड़ी में औद्योगिक प्रदूषण पर सख्त निगरानी शुरू कर दी है। रेड अलर्ट की स्थिति में ...और पढ़ें

भिवाड़ी में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर सख्ती ( एआई इमेज )

भिवाड़ी में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर सख्ती ( एआई इमेज )

HighLights

  1. रेड अलर्ट पर बिना नोटिस बंद होंगी प्रदूषक इकाइयां।

  2. नए पीएम उत्सर्जन मानक 1 अक्टूबर 2026 से लागू।

  3. ऑनलाइन निगरानी प्रणाली में 85% डेटा जरूरी।

संवाद सहयोगी, भिवाड़ी। औद्योगिक प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने निगरानी व्यवस्था सख्त कर दी है।

रेड अलर्ट के बाद जांच में प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों के संचालन में गड़बड़ी या उत्सर्जन मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित उद्योग को बिना पूर्व नोटिस बंद करने की कार्रवाई की जा सकती है।

निगरानी व्यवस्था के पालन का निर्देश

मंगलवार को पथरेड़ी स्थित एमएसएमई टेक्नोलाजी सेंटर में आयोजित कार्यशाला में औद्योगिक इकाइयों को नए मानकों और आनलाइन निगरानी व्यवस्था का पालन करने के निर्देश दिए गए।

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से आयोजित कार्यशाला में बताया गया कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देश संख्या 98 के तहत संशोधित पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) उत्सर्जन मानक एक अक्टूबर 2026 से लागू हो चुके हैं।

इनके दायरे में आने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए पीएम उत्सर्जन की अधिकतम सीमा 50 मिलीग्राम प्रति सामान्य घन मीटर निर्धारित की गई है। उद्योगों को बैग फिल्टर सहित वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का नियमित रखरखाव करने और उन्हें प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए।

85 प्रतिशत डेटा उपलब्धता जरूरी

कार्यशाला में आनलाइन सतत उत्सर्जन निगरानी प्रणाली (ओसीईएमएस) को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नए सर्वर से जोड़ने और आंकड़ों के नियमित प्रेषण की जानकारी दी गई। संबंधित इकाइयों के लिए सर्वर पर कम से कम 85 प्रतिशत डेटा उपलब्धता बनाए रखना जरूरी है।

केवल निगरानी प्रणाली स्थापित करना पर्याप्त नहीं होगा, आंकड़ों का निर्बाध प्रेषण भी सुनिश्चित करना होगा।केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से 30 सितंबर को जारी येलो, आरेंज और रेड अलर्ट व्यवस्था के बारे में भी बताया गया।

प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी

येलो और आरेंज अलर्ट मिलने पर उद्योगों को सुधारात्मक कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट और उसके प्रमाण सर्वर पर अपलोड करने होंगे। रेड अलर्ट की स्थिति में मंडल संबंधित इकाई का निरीक्षण करेगा। जांच में अनियमितता मिलने पर लागू प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

कार्यशाला में भिवाड़ी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष चौधरी जसबीर सिंह व सचिव जीएल स्वामी, भिवाड़ी इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीण लांबा सहित अन्य उद्यमी एवं आरएसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अमित जुयाल, अंकुर पाठक, रोहित मीणा, सुमित दहिया और अश्विनी बेनीवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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