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कछुआ चाल में अटका रेवाड़ी के बनीपुर चौक का फ्लाईओवर, तीसरी डेडलाइन भी निकली

Published: Sun, 22 Mar 2026 10:43 AM (IST)

बावल के बनीपुर चौक पर दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर बन रहे फ्लाईओवर की तीसरी डेडलाइन भी निकल गई है, लेकिन ...और पढ़ें

दिल्ली - जयपुर हाईवे पर बनीपुर चौक पर अधूरा पड़ा फ्लाईओवर का निर्माण कार्य। जागरण

दिल्ली - जयपुर हाईवे पर बनीपुर चौक पर अधूरा पड़ा फ्लाईओवर का निर्माण कार्य। जागरण

HighLights

  1. तीसरी डेडलाइन के बाद भी बनीपुर फ्लाईओवर अधूरा।

  2. मार्च में एक लेन शुरू होने का दावा, तीन माह और लगेंगे।

  3. धीमी गति से काम, सर्विस रोड पर बढ़ रहे हादसे।

संवाद सहयोगी, बावल (रेवाड़ी)। देश के व्यस्ततम हाईवे में से एक दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-48 स्थित बनीपुर चौक पर बन रहे फ्लाईओवर के निर्माण कार्य की तीसरी डेडलाइन भी पूरी हो गई है, लेकिन फिर भी इसका निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।

बार-बार होने वाले हादसों के बाद जिम्मेदार अधिकारियों ने मार्च में ओवरब्रिज की एक लेन शुरू कर देने का दावा किया था लेकिन अभी इस लेन के चालू होने में भी तीन माह से ज्यादा का समय और लग सकता है।

ट्रैफिक का सारा दबाव सर्विस रोड पर होने की वजह से बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। सड़क के बीच में रखे सीमेंट के बेरिकेड्स अंधेरा होने पर हादसों का कारण बनते रहे हैं।

दरअसल, करीब चार माह पहले बावल के विधायक डा. कृष्ण कुमार की ओर से यह मुद्दा विधानसभा में भी उठाया गया था। तब अधिकारियों ने जल्द निर्माण कार्य पूरा होने का दावा किया था।

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लेकिन अभी इस फ्लाईओवर का 40% काम बचा हुआ है। एनएचएआइ के अधिकारियों के उदासीन रवैये के कारण निर्माण कार्य कछुआ गति से चल रहा है।

2022 में शुरू हुआ था निर्माण कार्य

बनीपुर चौक पर फ्लाईओवर नहीं होने की वजह से हर साल 100 से ज्यादा सड़क हादसे हो रहे थे, जिसके बाद एनएचएआइ ने 2019 में यहां फ्लाईओवर स्वीकृत किया। हालांकि इसका निर्माण कार्य कोरोना की वजह से दो साल की देरी से 2022 में शुरू हो सका था।

29 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस फ्लाईओवर को 2023 के अंत तक बन जाना था। लेकिन, काम में देरी होती चली गई। इतना ही नहीं 2024 में टेंडर लेने वाली एजेंसी ने काम ही बंद कर दिया था।

पिछले वर्ष जनवरी माह में इसका निर्माण दोबारा से शुरू किया गया था, लेकिन अभी भी यह कछुआ चाल से ही किया जा रहा है। दिल्ली और मुंबई के बीच मालवाहक वाहनों के लिए एनएच-48 सबसे सुगम हाईवे है। यही वजह है कि सबसे ज्यादा मालवाहक वाहन इसी हाईवे से गुजरते हैं।

रेवाड़ी का 45 किलोमीटर का हिस्सा जयपुर के अधीन

दिल्ली से जयपुर के बीच रेवाड़ी जिले की सीमा में पड़ने वाला एनएच-48 का करीब 45 किलोमीटर का हिस्सा कापड़ीवास से लेकर जयसिंहपुर खेड़ा तक एनएचएआइ के जयपुर मंडल के अधीन आता है। जबकि इससे पहले गुरुग्राम की सीमा में पड़ने वाले हाईवे का हिस्सा दिल्ली मंडल के अधीन आता है।

जयपुर मंडल की तरफ से इस हाईवे पर होने वाले कार्यों में पहले भी देरी के आरोप लगते रहे हैं। कुछ दिन पहले बनीपुर चौक पर बावल के स्थानीय लोगों ने धरना देते हुए एनएचएआइ के जयपुर मंडल के अधिकारियों पर राजस्थान की सीमा में होने वाले निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने के आरोप लगाए थे।

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बनीपुर चौक के फ्लाईओवर निर्माण में एजेंसी की तरफ से देरी हुई है। बीच में किन्हीं कारणों से कार्य रुका हुआ था, लेकिन अब एजेंसी काम कर रही है। एजेंसी ने मई-जून तक काम पूरा कर लेने का दावा किया है।

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महेंद्र चावला, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआइ जयपुर।