जींद, जागरण संवाददाता। जींद के गांव ढाठरथ में घर से बुलाकर एक युवक की गला घोंटकर व मुंह पर चोट मारकर हत्या कर दी। युवक का शव गांव के बंद पड़े जलघर के परिसर में पड़ा हुआ मिला। पुलिस ने इस मामले में एक युवक को नामजद करके अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। 

गांव ढाठरथ निवासी सत्यवान ने बताया कि उसका बड़ा बेटा हरिओम उर्फ धोलु ट्रक चालक का काम करता था। 15 दिन पहले ही वह छुट्टी लेकर घर पर आया था। 14 अक्टूबर शाम को उसके बेटे को गांव का ही युवक माली व एक अन्य उसे घर से बुलाकर लेकर गए थे। उसके बाद से हरिओम घर नहीं लौटा। उस समय उन्होंने सोचा कि हरिओम ट्रक पर चला गया होगा, इसलिए परिवार के लोगों ने उसकी तलाश नहीं की।

शनिवार सुबह उसके पास गांव के सरपंच रामकेश का फोन आया कि खरकगादिया रोड पर स्थित बंद पड़े जलघर परिसर में किसी युवक का शव पड़ा हुआ है और उनको आशंका है कि यह उसके बेटे हरिओम का है। जब उसने मौके पर जाकर देखा तो शव उसके बेटे हरिओम का था। उसका गला रस्सी से घोंटा हुआ था और मुंह पर चोट के निशान थे। बाद में घटना के बारे में पुलिस को सूचित किया।

उसने आरोप लगाया कि उसके बेटे हरिओम को गांव का ही माली व एक अन्य युवक साजिश के तहत घर से मोटरसाइिकल पर बैठाकर लेकर गए हैं और उसके बाद हत्या करके उसके शव को गांव के बंद पड़े जलघर में डाला है। मामले के जांच अधिकारी एएसआइ सतीश कुमार ने बताया कि सत्यवान की शिकायत पर गांव ढाठरथ निवासी माली को नामजद करके अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। आरोपित माली की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।

डेढ़ साल पहले छोटे भाई की हुई थी हत्या

सत्यवान ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं। इसमें उसका बड़ा बेटा हरिओम अविवाहित था, जबकि उससे छोटा नवीन शादीशुदा था। नवीन भी छह मार्च 2020 को शाम को घर से सैर करने के लिए निकला था और गायब हो गया था। दो दिन के बाद उसका शव गांव के तालाब में पड़ा हुआ मिला था। उस समय स्वजनों ने उसकी डूबने से मौत मान ली थी, लेकिन छह माह के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि नवीन की डूबने से नहीं बल्कि हत्या की गई थी। पुलिस ने उस समय हत्या का मामला दर्ज कर लिया था, लेकिन अभी तक हत्या करने वालों का सुराग नहीं लगा। अब उसके बड़े बेटे हरिओम की भी हत्या कर दी। उसका एक बेटा प्रवीन गांव में ही बिजली मिस्त्री का काम करता है।

हत्या आरोपितों के साथ ही रहता था हरिओम

सत्यवान ने बताया कि उसका बेटा कई-कई माह तक ट्रकों पर बाहर ही रहता था, लेकिन जब वह गांव में आता तो पेट्रोल पंप पर नौकरी करने वाले माली के साथ रहता था। 14 अक्टूबर को भी माली अपने एक साथी के साथ आया था और घर से बुलाकर लेकर गया था। हमेशा साथ रहने के चलते परिवार के लोगों ने भी हरिओम से यह नहीं पूछा कि वह कहा जा रहा है।

Edited By: Anurag Shukla