जागरण संवाददाता, पानीपत :

शहर के 85 फीसद लोग गलत आइडी को लेकर परेशान हैं। किसी की आइडी ठीक नहीं बनी है। किसी के प्लाट का साइज गलत दिया हुआ है। कइयों का सर्वे ही नहीं किया गया। लोगों की इन समस्याओं को लेकर सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट ने याशी कंपनी के अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में याशी कंपनी ने 18 कर्मचारियों को नियुक्त करने पर सहमति दी। इनमें से आठ कर्मचारी हाउस टैक्स की पुरानी शाखा में पालिका बाजार में मौजूद रहेंगे। लोगों की प्रॉपर्टी आइडी संबंधी आपत्ति को सुनेंगे। आठ कर्मचारी फील्ड में रहेंगे जो आपत्ति दूर करने के लिए सर्वे, प्रॉपर्टी का मौका मुआयना साथ के साथ देंगे। दो कर्मचारी 16 कर्मचारियों की मॉनीटरिग करेंगे। ओवर आल मानीटरिग डिप्टी म्युनिसिपल कमिश्नर जितेंद्र सिंह करेंगे।

सर्वे याशी कंपनी ने किया था

याशी कंपनी ने प्रॉपर्टी का सर्वे कर आइडी बनाई थी। आइडी गलत बनने तथा उसमें कमियां रहने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई। पिछले तीन चार माह से आइडी ठीक करवाने के लिए शहरवासी निगम के धक्के खा रहे हैं। भ्रष्टाचार मुद्दा बना, कंपनी की पेमेंट रोकी

आइडी बनाने, ठीक करने के नाम पर नगर निगम में भ्रष्टाचर के रिकार्ड कायम में हुए। दलालों को बढ़ावा मिला। मामला हाउस की बैठक में भी उठा। इंटरनेट मीडिया पर 35 दलालों की सूची जारी हो गई। हाउस में मामला उठने के बाद याशी कंपनी का भुगतान रोक दिया गया। कंपनी ने 4 मार्च तक आब्जेक्शन देने की तारीख रखी, लेकिन समस्या ज्यों कि त्यों रही। उसके बाद 5 अप्रैल पीएमएस साइट पर आब्जेक्शन देने को कहा गया। पीएमएस (प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम) भी फेल रहा। लोग आब्जेक्शन नहीं डाल पाए। सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर समय कम होनी का बात की और समय बढ़ाने की मांग रखी।

कराएंगे मुनादी

भट्ट ने बताया कि कंपनी ने सहमति दे दी है । निगम में स्टाफ कम है। कंपनी के कर्मचारी ही आइडी संबंधी गलतियों को दूर करेंगे। इसके लिए मुनादी करवाई जाएगी। हर घर पर प्रॉपर्टी आइडी बोर्ड लगेगा। समय चाहे छह माह लग जाएगे। पूरा काम होने पर कंपनी का भुगतान होगा। बैठक में पार्षद बलराज मकौल, जसमेर, डीएसी जितेंद्र सिंह, टैक्स सुपरीटेंडेंट चंचल भान, कर निरीक्षक सहित कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में आयुक्त वत्सल वशिष्ठ शामिल नहीं हो सके। वह मुख्यमंत्री की वीसी में गए हुए थे। बैठक की जानकारी उन्हें दी गई।

साइट नहीं खुली, लोग कम पहुंच रहे प्रॉपर्टी टैक्स बिल ठीक करवाने, टैक्स भरने के लिए आने वालों की भीड़ अब कम हो गई है। पूरे प्रदेश में 31 मार्च के बाद से टैक्स रिकवरी की साइट बंद हैं। 20 अप्रैल को साइट चलने की उम्मीद है। इस संदर्भ में सरकार ने कोई निर्देश नहीं दिए। पिछल वर्षों के अनुसार यह अनुमान है कि 31 मार्च वित्त वर्ष की समाप्ति के बाद अपडेट का काम 20 दिनों हो जाता है। उसी के मुताबिक 20 अप्रैल को साइट चलने की उम्मीद है।

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