अंबाला, [मनीष श्रीवास्तव]। गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार के लिए हुड्डा सेक्टर-34 में रोहताश अपनी पत्नी कमलेश और तीन बच्चों के साथ रहता था। कालोनी में रोहताश की बहन और भाई का भी परिवार रहता था। 26 जून की रात दोनों में विवाद हो गया और कमलेश ने अपने पति रोहताश का हाथ पैर बांधकर बेड पर मुंह के बल छोड़ सोने के लिए चली गई।

रात करीब दो बजे तक वह दोबारा कमरे में पहुंची तो देखा कि उसके पति की मौत हो चुकी है। इस पर पति के शव को ठिकाने लगाने की नियत से बाथरुम में रखकर ताला लगा दिया। अगले दिन सभी से कह दिया कि उसका पति बिना बताए कहीं चला गया है। दुर्गंध आने पर मच्छर भगाने में प्रयोग होने वाले हीट का पूरे घर में छिड़काव भी किया। फिर भी बदबू कम नहीं हो रही थी तो 27 जून की रात करीब एक बजे कालोनी की बिजली कटने पर वह शव को कंबल में लपेटकर साथ नाले में फेंक दिया। शव को स्थानीय लोगों ने सुबह होते ही देखा और सूचना पुलिस को दी।

शव देख भांजी ने बताया नाले में पड़े हैं मामा

28 सुबह कालोनी के लोगों ने नाले में एक युवक का कंबल में लिपटा शव देखा। इसी दौरान रोहताश की बहन भूरी की 14 वर्षीय बेटी ने कंबल में लिपटे अपने मामा को नाले में पड़े देखा और मक्खियां भिनभना रही थी। इस बात की जानकारी आकर अपने घर पर बताई कि मामा रोहताश नाले में पड़े हैं। इस पर मृतक की बहन भूरी पहुंची और कपड़ों से पहचान की।

पत्नी नहीं मान रही थी शव रोहताश का

नाले में कंबल में लिपटे और मक्खियों से घिरे रोहताश के शव को पहले तो उसकी पत्नी कमलेश ने मानने से इंकार कर दिया था। जब और रिश्तेदारों ने कहा कि कपड़े और कंबल रोहताश के हैं तो तब जाकर कमलेश यह मानने को तैयार हुई कि यह रोहताश ही है।

Edited By: Rajesh Kumar