करनाल, जागरण संवाददाता। करनाल के नीलोखेड़ी का रहने वाला अमनदीप अपनी पत्नी रविंद्र कौर उर्फ रिंपी व उसके शादीशुदा प्रेमी हर्षपाल उर्फ सन्नी वाली बलदेव नगर निवासी की खौफनाक साजिश का शिकार हुआ था। स्कूल के समय से ही चले आ रहे प्यार को परवान चढ़ाने के लिए दोनों ने उसे रास्ते से हटाने का मन बनाया और प्रेमी ने अमनदीप को अफीम देने के बहाने एकांत में बुलाकर बेदर्दी से मौत के घाट उतार था। वह जैसे ही पत्नी के आरोपित प्रेमी द्वारा पोलिथीन में बांधी गई अफीम खोेलने लगा था तो पीछे से उस पर पहले हथौड़े से तीन से चार वार किए। हमले से वह जमीन पर गिर गया। फिर उन्होंने उसकी गर्दन पर भी तीन से चार बार चाकू से वार कर उसे मौत के घाट उतारा।

हत्या की नहीं थी भनक

इस साजिश ने आरोपित के दो साथी बलदेव नगर निवासी कुणाल व मन्नी उर्फ मनीष भी शामिल रहे, लेकिन उन्हें पहले अमनदीप की हत्या किए जाने की साजिश की भनक तक नहीं लगने दी थी। जब उन्हें उसके कपड़े खून से लथपथ दिखे तो पहले वे घबरा गए। उसके बाद तीनों कार में सवार होकर अंबाला के लिए निकल पड़े। आरोपित हर्षदीप ने अपने घर जाते ही अमनदीप की पत्नी व अपनी प्रेमिका रविंद्र कौर को फोन कर कहा कि काम तमाम कर दिया है। इसके बाद उनकी रात भर चैटिंग होती रही, लेकिन सुबह होते ही दोनों ने यह डाटा डिलीट कर दिया, ताकि पुलिस को कोई शक न हो। सीआइए टू ने हर्षपाल, रविंद्र कौर व कुणाल को काबू कर पूछताछ की तो सच सामने आया।

ऐसे रची साजिश

सीआइए टू इंचार्ज मोहन लाल के मुताबिक रविंद्र कौर के प्रेमी हर्षपाल उर्फ सन्नी ने ऐसी साजिश रची की पुलिस भी उन तक न पहुंच सके। अफीम को लेकर उसकी अमनदीप के साथ पहले ही बातचीत हो गई थी और उसने इंडीगेटर जलाने का इशारा करते हुए उसे सर्विस लेन से ही आने को कहा था। नीलोखेड़ी गुरुद्वारा के समीप उनकी मुलाकात हुई। अपने दोस्तों कुणाल व मन्नी को भी यही कहा कि अफीम देकर आना है। अमनदीप भी अफीम ले जाने के लिए अपने साथ डब्बी लिए था और वह खेत में हर्षपाल के साथ एकांत में जाकर पोलिथीन से इसमें अफीम डालने लगा तो उसके सिर पर अपने साथ पहले से ही बैग में लिए हथौड़े व चाकू से वार कर दिए। हर्षपाल ने वारदात के लिए उसी दिन चाकू भी खरीदा था जबकि हथौड़ा घर से ही लेकर आया था। इसके बाद आरोपित व रविंद्र कौर ने अपने मोबाइल से पूरा डाटा भी डिलीट कर दिया, लेकिन रात डेढ़ बजे की फोन काल ने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया था। हर्षपाल अपना मोबाइल भी चार्जिंग पर लगाकर घर ही छोड़ आया था। भाई को कहा था कोई काल आए तो रिसीव कर लेना।

शादी के बाद भी मिलते थे दोनों

स्कूल के समय से ही रविंद्र कौर व हर्षपाल प्यार करने लगे थे। वे दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन नहीं कर पाए। हर्षपाल ने अपनी ही सात साल बड़ी शिक्षिका प्रवीन शर्मा से वर्ष 2009 में लव मैरिज कर ली थी उनके दो बेटे भी हुए। वहीं रविंद्र कौर की शादी नीलोखेड़ी के अमनदीप के साथ पांच साल पहले हुई और उनकी दो साल की एक बेटी है। सीआइए इंचार्ज मोहन लाल के मुताबिक आरोपितों ने माना कि इसके बावजूद प्यार कम नहीं हुआ और दोनों ने एक होने की ठान ली थी। अमनदीप की मौजूदगी में भी वे दोनों मिलते रहे। पंजाब सहित अन्य क्षेत्रों में भी तीनों घूमने जाते रहे।

हर्षपाल अमनदीप को अक्सर अफीम देता रहा। रविंद्र कौर अपनी छोटी बहन की 21 नवंबर को हुई शादी के लिए एक सप्ताह पहले से मायके गई हुई थी। वहीं हर्षपाल ने उसी दौरान अपने हाथ की नस भी काट ली थी, जिसकी सूचना उसके स्वजनों ने ही रविंद्र कौर को दी थी। वहीं अमनदीप ने पत्नी रविंद्र कौर को भी भरोसा दिया था कि शादी के एक सप्ताह बाद ही वह उसे तलाक दे देगा, जिसके लिए माता-पिता से बात करेगा। लेकिन इससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।

Edited By: Rajesh Kumar