जागरण संवाददाता, पानीपत : सिविल अस्पताल में भी सब कुछ अजब-गजब रहता है। एक व्यवस्था सुधारो, दूसरी पटरी से उतर जाती है। सोमवार को भी कुछ ऐसे ही हालात दिखे। स्टेट इंस्टीट्यूट आफ हेल्थ एवं फैमिली वेलफेयर पंचकूला के विशेषज्ञ संक्रमण नियंत्रण पर वर्चुअल मीटिग में लेक्चर दे रहे थे। उसी समय ओपीडी ब्लाक में एक-दूसरे से सटे खड़े मरीज कोरोना संक्रमण को न्योता दे रहे थे।

वर्चुअल मीटिग में अस्पताल के प्रिसिपल मेडिकल आफिसर डा. संजीव ग्रोवर, डिप्टी सिविल सर्जन डा. शशि गर्ग, डिप्टी एमएस डा. अमित पोरिया, क्वालिटी कंट्रोलर डा. सुनिधि,इंफेक्शन कंट्रोलर नर्सिंग आफिसर सोहन ने हिस्सा लिया। दिन सोमवार, समय दोपहर 12 बजे। अस्पताल के ओपीडी, रेडियोलाजी और प्रशासनिक ब्लॉक में मरीजों-तीमारदारों का अधिक आवागमन दिखा। इमरजेंसी वार्ड भी भी भीड़ दिखी। अस्पताल में थर्मल सेंसर से स्क्रीनिग बंद कर दी गई है। रजिस्ट्रेशन विडो पर मरीज एक-दूसरे से सटकर खड़े थे। कुछ ने तो मास्क भी नहीं पहना हुआ था।

मास्क नहीं पहनने वालों के चालान रूटीन में नहीं काटे जा रहे हैं। गनीमत रही कि सभी चिकित्सक ओपीडी में उपस्थित रहे। एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड सुविधा सुचारू रही।मरीजों को ओपीडी स्लिप पर लिखी अधिकांश मेडिसिन मिली। गा‌र्ड्स की संख्या कम :

सिविल अस्पताल में व्यवस्था बनाए रखने के लिए कम से कम 30 गार्ड चाहिए, फिलहाल 15 हैं। प्रदेश सरकार ने अस्पतालों में होमगा‌र्ड्स तैनात करने की घोषणा की थी, अभी तक नहीं लगाए गए हैं। गा‌र्ड्स संख्या कम होने के कारण शारीरिक दूरी का पालन कराना, पार्किंग व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। संक्रमण नियंत्रण पर विशेषज्ञों ने दिए निर्देश :

-घावों की पट्टियां खुले में न फेंकी जाएं।

-इंजेक्शन लगाने के बाद निडिल को नष्ट करें।

-निडिल को उसके बाक्स में डालना न भूलें।

-मरीजों के मास्क-नलियां निर्धारित बाक्स में डालें।

-कोरोना संक्रमितों की ड्रैस दूसरे कपड़ों से अलग रखें।

-संक्रमितों के बेड की चादर, तकिया कवर अलग रखें।

-संक्रमितों के कपड़े अलग धुलाई हों।

-कपड़े समेटते समय एन-95 मास्क, गाउन और दस्ताने पहनें।

-मेडिकल बायोवेस्ट सुरक्षित स्थान पर रखा जाए। नहीं सुधरी पार्किंग व्यवस्था :

अस्पताल में वाहन पार्किंग के लिए बिल्डिग बनी हुई है। नो-पार्किंग के नोटिस भी चस्पा किए हुए हैं। हैरत, जहां नोटिस चस्पा हैं, मरीज और तीमारदार सबसे अधिक उन्हीं स्थानों पर वाहनों को खड़ा कर चले जाते हैं। इससे अस्पताल परिसर में रास्ते संकरे हो जाते हैं। मरीज-तीमारदार सहयोग करें :

अस्पताल के डिप्टी एमएस डा. अमित पोरिया ने कहा कि रूटीन निरीक्षण में सभी पहलुओं पर रिपोर्ट तैयार की जाती है। गा‌र्ड्स को उनकी ड्यूटी का आभास भी कराया जाता है। कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है, मरीज और तीमारदार कोविड-19 गाइडलाइन का पालन करते हुए सहयोग करें।

Edited By: Jagran