जींद, जेएनएन। वार्ड 12 और 13 के दर्जनों ग्रामीण सोमवार सुबह जनस्वास्थ्य विभाग पहुंचे और गेट को बंद कर बाहर बैठ गए। कर्मचारियों को भी धूप में ही खड़े रहने पर मजबूर होना पड़ा। वार्ड के लोगों ने बताया कि उन्हें स्वच्छ पेयजल नहीं मिल रहा है। बार बार गुहार लगाने पर भी कोई भी कार्रवाई नहीं हो रही है।

उनके घरों में जो पानी सप्लाई किया जाता है, वो पीने लायक नहीं है। जिससे बीमारियां फैलने का खतरा लगातार मंडराता रहता है। जुलाना बारहा खाप के कार्यकारी प्रधान बसाऊ लाठर, वार्ड 12 पार्षद प्रतिनिधि रामकला, वार्ड 13 के पार्षद राकेश ने कहा कि कई बार वो पेयजल किल्लत को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय जा चुके हैं। लेकिन उन्हें आश्वासन देकर वापस लौटा दिया जाता है।

आज तक समस्या का कोई भी समाधान नहीं हो पाया है। जन स्वास्थ्य विभाग ने सात साल से वार्ड 12 और 13 की सीवरेज लाइन को नहीं जोड़ा है। जिससे वार्ड के लोगों को काफी परेशानियों से होकर गुजरना पड़ रहा है। गेट बंद किए जाने की सूचना पाकर जुलाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन वार्ड के लोग नहीं माने।

दो घंटे बाद जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन संजीव कुमार वहां पहुंचे और लोगों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने लोगों को पेयजल की समस्या के तुरंत समाधान और सीवरेज के लिए एक महीने का समय दिया। कर्मचारियों को आदेश दिए कि जल्द से जल्द लोगों की समस्या का समाधान करें, ताकि उन्हें स्वच्छ पेयजल मिल सके।

धूप में तपते रहे कर्मचारी

वार्ड के लोगों ने जैसे ही जन स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय के गेट को बंद किया और कर्मचारियों को अंदर नहीं घुसने दिया गया। जब तक एक्सईएन मौके पर नहीं पहुंचे, तब तक कर्मचारी धूप में ही तपते रहे। संजीव कुमार एक्सईएन ने वार्ड वासियों से कहा कि अंदर चलकर बात करते हैं, तो लोगों ने कहा कि बाहर ही उनकी समस्या का समाधान किया जाए। एक्सईएन ने बाहर धूप में खड़े होकर ही लोगों की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। जिस पर वार्ड के लोग मान गए और गेट को खोल दिया। एक्सईएन ने बताया कि वार्ड के लोग पेयजल की समस्या को लेकर जलघर पहुंचे थे। पेयजल के लिए मोटर लगवा दी गई है और सीवरेज की व्यवस्था भी जल्द ही की जाएगी।

Edited By: Anurag Shukla