करनाल, जागरण संवाददाता। प्रदेश सरकार प्राथमिकता के आधार पर लाल डोरा की रजिस्ट्री कर आम नागरिकों को मालिकाना हक दिलाने में जुटी है। वहीं रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ विवाद के मामले भी सामने आ रहे हैं। योजना के अनुसार गांव शेखनपुर में लाल डोरे की रजिस्ट्रियां बांटने के दौरान सरकारी काम में बाधा डालने के साथ-साथ अधिकारियों से गाली-गलौज का भी मामला सामने आया है।

अधिकारियों के साथ की गाली गलौच

जानकारी के अनुसार वीरवार को खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय नीलोखेड़ी के ग्राम सचिव के अलावा तहसील के अधिकारी और कर्मचारी गांव शेखनपुर में लाल डोरे की रजिस्ट्रियां बांटने के लिए पहुंचे थे। गांव के ही दो लोगों द्वारा न केवल सरकारी कार्य में बाधा डाली गई, बल्कि अधिकारियों के साथ गाली गलौच भी किया गया। इतना ही नहीं रजिस्टिरयां भी फाड़ दी गई। तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी गई।

पुलिस को दी शिकायत के अनुसार

शिकायतकर्ता ग्राम सचिव सुनील शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि लखविंदर सिंह व दलजीत सिंह ने उनके साथ गाली-गलौच की और रजिस्ट्रियां भी फाड़ दी। आरोपितों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे डाली। वहीं सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो जांच भी शुरू की। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुलबीर कौर ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद आरोपित लखविंदर और दलजीत सिंह के खिलाफ सरकारी कामकाज में बाधा सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है।

गांवों को लाल डोरा से मुक्त करने की योजना बनाई गई थी

दरअसल हरियाणा में तीन महीने के भीतर सभी गांवों को लाल डोरा से मुक्त करने की योजना बनाई गई थी। वहीं इसके अलावा उत्तर प्रदेश के साथ सीमा विवाद खत्म करने के लिए करनाल क्षेत्र में 20 स्थानों पर 15 जुलाई तक पिल्लर लगा दिए थे। वित्त आयुक्त और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जिला उपायुक्तों के साथ बैठक में कहा कि स्वामित्व योजना का कार्य 90 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कोई देरी नहीं होनी चाहिए।

Edited By: Naveen Dalal