अंबाला, दीपक बहल। भ्रष्टाचार पर सरकार की जीरो टालरेंस के चलते विजिलेंस बड़ी मछलियों पर हाथ डालने लगी है। सीएम सिटी करनाल में विजिलेंस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की है, जबकि प्रदेश में साल 2022 में अब तक 175 एफआइआर विजिलेंस के अलग-अलग रेंज में दर्ज की जा चुकी हैं। इन में रंगे हाथों रिश्वत लेते और प्रोजेक्टों में हुए खेल के लगे आरोपों में भी एफआइआर दर्ज हुई हैं, जिनमें से कुछ मामलों में अभी गिरफ्तारियां बाकी हैं।

एसडीएम, डीटीपी, तहसीलदार सहित कई अधिकारी पहुंच चुके हैं सलाखों के पीछे

इन दर्ज एफआइआर में करनाल रेंज का आंकड़ा सबसे अधिक है, जबकि दूसरे नंबर पर गुरुग्राम है। करनाल रेंज के अधीन पानीपत और जींद जिला आता है। इस रेंज के अधिकारियों ने अपना नेटवर्क इस कदर मजबूत कर लिया है कि इस में ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई हैं। यही कारण है कि इस रेंज में डीटीपी, तहसीलदार सहित कई अधिकारी सलाखों के पीछे जा चुके हैं। प्रदेश में 90 से अधिक अधिकारी अथवा कर्मी भ्रष्टाचार के मुकदमों में गिरफ्तार हो चुके हैं। इन में आबकारी एवं कराधान विभाग, पुलिस विभाग, बिजली निगम, राजस्व विभाग, नगर निगम, एचएसवीपी आदि विभाग शामिल हैं।

इस तरह विजिलेंस ने दर्ज किए मुकदमे

प्रदेश की विजिलेंस को प्रदेश में सात रेंज में बांटा गया है। हिसार में भिवानी, फतेहाबाद, सिरसा और चरखीदादरी आता है। इस रेंज में जनवरी से सितंबर 2022 तक 23 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसी प्रकार पंचकूला रेंज में यमुनानगर आता है, जहां पर एफआइआर दर्ज होने का आंकड़ा सबसे कम यानी दस ही रहा है।

अंबाला रेंज में कैथल और कुरुक्षेत्र भी शामिल है, जहां पर मुकदमों का आंकड़ा 25 रहा, जबकि करनाल रेंज में पानीपत और जींद हैं, जहां सबसे अधिक 34 मुकदमे दर्ज हुए हैं। गुरुग्राम रेंज में नारनौल, रेवाड़ी और मेवात शामिल हैं, जहां पर भ्रष्टाचारियों पर दर्ज मामलों का आंकड़ा 33 है। रोहतक रेंज में सोनीपत और झज्जर जिला है, जहां पर 20 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। फरीदाबाद रेंज में पलवल शामिल हैं, जहां पर भ्रष्टाचारियों पर 30 मामले दर्ज किए गए हैं।

प्रोजेक्टों में खेल पर भी दर्ज हुए मुकदमे

विजिलेंस ने रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए और प्रोजेक्टों में हुए खेल को लेकर भी एफआइआर दर्ज हैं। जिन मामलों में रंगे हाथों आरोपित गिरफ्तार हुए हैं और प्रोजेक्टों में गोलमाल करने वाले अथवा रिश्वत मांगने वालों पर कुल 175 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इन मुकदमो में कई मुकदमे मुख्य सचिव के आदेश पर दर्ज किए गए हैं। जिसमें एक रिटायर्ड कमिश्नर रैंक के अधिकारी का नाम भी शामिल है। इसके अलावा आय से अधिक संपत्ति के भी केस दर्ज किये गये हैं।

महज पांच रुपये की रिश्वत में भी फंसे

  • स्टेट विजिलेंस ब्यूरो अंबाला में हरियाणा पुलिस आवास निगम के क्लर्क पर पांच सौ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में मामला दर्ज किया गया
  • स्टेट विजिलेंस ब्यूरो में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के जेई दिनेश के खिलाफ 1500 रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में केस दर्ज किया गया
  • स्टेट विजिलेंस ब्यूरो गुरुग्राम में इंस्पेक्टर जेजी चौधरी पर रिमांड पर न लेने के मामले में एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में केस दर्ज हुआ
  • स्टेट विजिलेंस ब्यूरो गुरुग्राम में रोहताश तहसीलदार, रामकिशन, प्रमोद पर एक जमीन के मामले में प्रति वर्ग गज 300 रुपये की रिश्वत मांगने का केस दर्ज किया गया
  • स्टेट विजिलेंस ब्यूरो करनाल में पटवारी नितिन पर दो हजार रुपये की रिश्वत लेने के आरोपों के तहत मामला दर्ज किया गया

Edited By: Naveen Dalal

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