यमुनानगर, जागरण संवाददाता। बरसात व खराब मौसम की मार सब्जियों पर खूब पड़ी है। बारिश से स्थानीय किसानों की सब्जियां खेतों में गलने लगी हैं। किसानों द्वारा मंडियों में सब्जी की पर्याप्त आपूर्ति न कर पाने से मंडी के आढ़ती पहाड़ी स्थानों से सब्जियां मंगवा रहे हैं। हालत यह है कि सब्जी मंडियों में माल कम-ज्यादा होने पर सब्जियों के रेट घट-बढ़ जाते हैं। इन दिनों गोभी के रेट काफी ऊपर नीचे हो रहे हैं। बाजार में गोभी 70 से 80 रुपये प्रति किलो बिक रही है।

शिमला और कुल्लू से हो रही है सब्जी की आपूर्ति

शहर की मंडियों में कुछ सब्जियों की आपूर्ति जिले के किसानों से हो रही तो कुछ सब्जियों को आढ़ती शिमला और कुल्लू से मंगा रहे हैं। मंडी में फूलगोभी, पत्ता गोभी, खीरा, अदरक, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, धनिया, मूली, टमाटर, मटर की आपूर्ति शिमला और कुल्लू से हो रही है। जबकि बैंगन, घीया, तोरी, अरबी, हरी मिर्च, भिंडी, लाल प्याज की आपूर्ति स्थानीय किसानों से हो रही है। वहीं, गुलाबी प्याज नासिक से आ रहा है। सब्जी का काम कर रहे राजीव कुमार ने बताया कि सब्जियों के रेट का कोई मापदंड नहीं है। मंडी में माल कम ज्यादा आने से सब्जियों के रेट घट-बढ़ जाते हैं। सोमवार को गोभी 70 से 80 रुपये किलो बिकी।

लहसुन और हरी धनिया के नखरे बढे़

लहसुन के रेट मंडियों में 80 से 100 रुपये किलो तक चले गए हैं। वहीं, हरी धनिया की आपूर्ति न होने से यह भी काफी महंगा बिक रहा है। मंडी में मटर के दाम 100 से 120 रुपये तक चले जाने की वजह से लोग फ्रोजेन मटर का प्रयोग करने लगे हैं। हालांकि फ्रोजेन मटर का भाव भी 100 किलोग्राम है।

बारिश सीजन के बाद गिरेंगे दाम

सब्जियों की खेती को किसान घाटे का सौदा मानते हैं। किसानों के मुताबिक जो सब्जी किसान दो से तीन रुपये किलो बेचता है, वह मंडी और शहर में 20 से 40 रुपये प्रति किलो तक बिकती है। किसान जयभगवान, रामपाल ने बताया कि पिछले साल घीया को किसी ने चार रुपये किलो नहीं पूछा। जबकि शहर में इस समय घीया 40 रुपये तक बिक रही है। किसानों का मानना है कि बारिश के कारण सब्जियों के दाम बढे़ हुए हैं। बारिश का सीजन समाप्त होते ही सब्जियों के दाम गिर जाएंगे।

Edited By: Anurag Shukla