पानीपत, जेएनएन। UPSC Civil Services Examination 2019 Result Declared सपने बंद आंखों से नहीं देखे जाते। इन्हें पूरा करना हो तो जागना पड़ता है। मैं 12 घंटे तक पढ़ती। परीक्षा के दिनों में इससे ज्यादा समय देती। एक बार तो भाई की शादी में भी नहीं जा सकी। दिल्ली में पढ़ती रही। समय ही नहीं था बाहर निकलने का। आज जब रिजल्ट आया तो लगा कि मेहनत सफल हो गई। यह है बेटी मधुमीता की कहानी। मधुमीता ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की  सिविल सेवा परीक्षा में 86वां रैंक हासिल किया है। समालखा में उनके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। 

मधुमीता ने बीबीए के पास इग्नु से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन से एमए किया। वह पिछले तीन वर्ष से परीक्षा की तैयारी कर रही थी। एक बार प्री में पिछड़ी। तीसरी बार में इंटरव्यू तक पहुंची। इस बार मौका नहीं चूका। दैनिक जागरण से बातचीत में मधु ने बताया कि इंटरव्यू की तैयारी बहुत अच्छी थी।

PSC Civil Services Examination 2019 result Madhumita

मधुमीता का परिवार

पिता : महावीर सिंह, मार्केट कमेटी समालखा में ऑक्शन रिकार्डर

मां : दर्शना गृहिणी

दो भाई, एक बड़ा और एक छोटा। बड़ा भाई सतेंद्र एक निजी कंपनी में मैनेजर है। छोटा भाई राघवेंद्र कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में लॉ की पढ़ाई कर रहा है। 

पापा ने आगे बढ़ाया, बचपन से बनना था आइएएस 

मधुमीता का कहना है कि वह आइएएस अफसर बनना चाहती थी। पापा चाहते थे कि बेटी पढ़कर बहुत आगे जाए। आज वह सपना पूरा हो रहा है। मां ने हर कदम पर साथ दिया। मधुमीता ने बताया, समालखा में हमारा संयुक्‍त परिवार है। दिल्‍ली में तैयारी कर रही थी। समालखा में चाचा के बेटे की शादी थी। पर इन्‍हीं दिनों परीक्षा भी थी। तब शादी को छोड़कर परीक्षा की तैयारी करती रही। आज भाई ने कहा, अच्‍छा किया, तब नहीं आई। 

UPSC Civil Services Examination 2019 Result Declared जागरण इंटरव्यू  

सरकारी स्कूल में हालात कैसे सुधरें

जवाब : सरकारी स्कूलों में स्थायी भर्ती होती है। शिक्षकों को अपनी जॉब जाने का खतरा नहीं होता। इस वजह से भी लापरवाही बरती जाती है। मेरा मानना है कि रिजल्ट के आधार पर ही शिक्षकों की प्रमोशन तय की जाए। उनकी सैलरी को रिजल्ट से जोड़ देना चाहिए। 

आपकी प्राथमिकता क्या रहेगी

जवाब : मुझे जहां काम करने का मौका मिलेगा, वहां क्या जरूरत है, पहले उसे देखा जाएगा। समस्या को समझने के लिए पहले वक्त देना होगा। पढ़ाई, बेटियों की शिक्षा पर फोकस रहेगा।

2019 समालखा नहीं आई थी, दिल्ली में थी 

सवाल : क्या हरियाणा में बेटियों को लेकर बदलाव दिख रहा 

जवाब : हां, आप खुद ही देखिये। बेटियां ओलंपिक में मेडल जीतकर आ रही हैं। यूपीएससी परीक्षा में सफल हो रही हैं। उन्हें अच्छा माहौल मिल रहा है। कहने का मतलब है कि बेटी को मौका मिलेगा तो वो आगे जरूर बढ़ेगी। सफल जरूर होगी। जरूरत है तो उस पर भरोसा करने की।

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