यमुनानगर, जागरण संवाददाता। उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर हरियाणा व उत्तर प्रदेश के पुलिस अधिकारियों के बीच सोमवार को बैठक हुई। बैठक में तय किया गया कि 26 जनवरी के बाद बार्डरों पर पुलिस पिकेट तैनात रहेगी। जो संदिग्धों की जांच करेगी। इसके साथ ही यमुना नदी के क्षेत्र में भी पुलिस की पैट्रोलिंग रहेगी। जिससे अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। ताकि उप्र विधानसभा चुनाव शांतिपूवर्क तरीके से संपन्न हो सके। 

सोमवार को जिला सचिवालय में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के पुलिस महानिदेशक डा. प्रीतिंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक शामली सुकीर्ती माधव, पुलिस अधीक्षक सहारनपुर आकाश तोमर व करनाल के पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया, सिंभालका की एडिशनल पुलिस अधीक्षक पूजा वशिष्ठ और यमुनानगर के पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल व उप पुलिस अधीक्षक सुभाष चंद्र के बीच बैठक हुई। बैठक के दौरान बार्डर क्षेत्र से जुड़े जिलों में हथियारों, शराब व अन्य मादक पदार्थाें की तस्करी रोकने को लेकर मंथन हुआ। 

करनाल, पानीपत व यमुनानगर से जुड़ते हैं उप्र के जिले

जिलों की बात करें, तो यमुनानगर से उप्र का सहारनपुर जिला जुड़ता है। रोजाना सहारनपुर से यमुनानगर के लोगों का यहां पर आना जाना होता है। स्मैक व शराब की तस्करी भी दोनों राज्यों के बीच होती है। पुलिस भी एनडीपीएस एक्ट के मामलों में जिन अपराधियों को पकड़ती है, उनका संबंध उप्र से होता है। इसी तरह से करनाल व पानीपत से उप्र का शामली जिला जुड़ता है। यमुना नदी के रास्ते भी दोनों जिले जुड़ते हैं। इसलिए ही इन जिलों के पुलिस अधिकारियों के बीच बैठक में चुनाव के दौरान अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने को लेकर चर्चा हुई। 

26 जनवरी के बाद तैनात रहेगी पुलिस पिकेट

पुलिस महानिदेशक डा. प्रीतिंद्र सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सात फेज में चुनाव होने हैं। इसको लेकर ही बोर्डर क्षेत्र से लगते जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की जा रही है। इससे पहले सोनीपत में भी बैठक हो चुकी है। सोमवार को बार्डर क्षेत्र के सहारनपुर व करनाल क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक हुई है, क्योंकि पहले व दूसरे फेज में सहारनपुर व शामली में चुनाव होने हैं। कुछ ऐसे अपराधी हैं, जो इंटरस्टेट क्राइम करते हैं। ऐसे में दोनों जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ ऐसे अपराधियों को पकड़ने के बारे में मंथन हुआ। जिससे वह चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों को अंजाम न दे सके।

बार्डरों पर तैनात रही पुलिस पिकेट 

26 जनवरी के बाद नेशनल हाईवे व बार्डर पर चेकिंग के लिए पुलिस पिकेट तैनात रहेगी। अपने यहां के अलावा यमुनानगर व करनाल के भी शराब के गोदामों की जांच कराई जाएगी। इसके लिए दोनों जिलों के पुलिस अधिकारियों ने सहयोग के लिए आश्वस्त किया है। ताकि अवैध शराब की तस्करी पर अंकुश लगाया जा सके। इसके साथ ही जमानत पर छूटे छूटे उन आरोपितों को भी पकड़ा जाएगा। जो इंटरस्टेट क्राइम करते हैं। नदी के रास्ते पर भी पैट्रोलिंग होगी, क्योंकि नदी के रास्ते भी तस्करी को अंजाम दिया जा सकता है।

Edited By: Rajesh Kumar