पानीपत, जागरण संवाददाता। जन्‍म के कुछ घंटे बाद ही बच्‍ची को फेंकने वाली मां का पता चल गया है। वह अविवाहित थी। बच्‍ची को रखना नहीं चाहती थी। उसने बच्‍ची को किसी को गोद देने की जगह, फेंकना ही ठीक समझा। वो तो बच्‍ची की किस्‍मत थी कि वो बच गई। कुत्‍ते उसे नोंच रहे थे। वो रोने लगी तो एक महिला वहां पहुंची और उसे बचाया जा सका। पुलिस और समाजसेवी संस्‍था की सविता आर्य के प्रयास से बच्‍ची की मां का पता चल सका।

अपनी ही छत से कचरे में डाला

आरोपित लड़की ने बच्‍ची को जन्‍म देने के बाद उसे घर की छत से नीचे कचरे में डाल दिया था। उसे लगा कि वह बच जाएगी। लेकिन कानून के हाथ आ ही गई। उसने बताया कि वह एक लड़के से प्रेम करती थी। उससे शारीरिक संबंध बन गए। उसी से ये संतान हुई। संतान को रखती तो आगे कहां जाती। इसी वजह से बच्‍ची को फेंक दिया था। पानीपत में पहले भी तरह के मामले सामने आ चुके है।

जागरण ने उठाया था मामला

दैनिक जागरण ने इस मामले को उठाया था। पुलिस से लेकर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के तंत्र पर सवाल उठाए। ऐसा क्‍यों होता है कि कोई नवजात फेंक जाता है, उसका पता नहीं चलता। पुलिस तंत्र सक्रिय हुआ। लगातार सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे थे। आसपास के लोगों से बात की गई। तब जाकर पता चला कि शिव नगर की ही रहने वाली युवती ने बच्‍ची को फेंका था

सिविल अस्पताल में है बच्ची

इस समय बच्ची सिविल अस्पताल में है। उसका इलाज किया जा रहा है। पहले दिन उसे कुत्तों ने नोचा हुआ था। हालत गंभीर  थी। अस्पताल की नर्स उसकी देखभाल कर रही हैं। अब हालत ठीक है। खतरे से बाहर है। नर्स रोजाना उसे गोद उठाती हैं। कैसे कोई निर्मम मां, फूल सी बच्ची को फेंक सकता है, यह सवाल भी करती हैं।

Edited By: Naveen Dalal