पानीपत, जेएनएन। अयोध्या में बनने वाले श्रीराम मंदिर का प्रारूप फिलहाल वही है,जिसे विहिप के अशोक सिंघल ने दिखाया था। कुछ संत प्रारूप में बदलाव चाहते हैं। विलंब नहीं करेंगे। ढाई माह में भव्य अलौकिक मंदिर का निर्माण प्रारंभ शुरू हो जाएगा। अंसल सुशांत सिटी में श्रीराधा कांत जी के 19वें प्रकटोत्सव पर आयोजित एक शाम ठाकुर जी के नाम संकीर्तन में पहुंचे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष, संत स्वामी गोविंद देव गिरी ने दैनिक जागरण पानीपत के वरिष्ठ संवाददाता राज सिंह से साक्षात्कार में ये बातें कहीं। प्रस्तुत है मुख्य अंश:

प्रश्न : मंदिर का प्रारूप जानने के लिए देशवासियों में उत्सुकता है, कुछ बताएं मंदिर कैसा होगा?

उत्तर : कुछ संत मंदिर के प्रारूप में बदलाव चाहते हैं, उसमें राम राज्य की झलक दिखे। अगले पंद्रह दिनों में ट्रस्ट की दूसरी बैठक होगी, उसमें निर्णय होगा। 

प्रश्न : मंदिर निर्माण में अनुमानित कितना धन व्यय होना है?

उत्तर : कितना व्यय होगा, इस पर अभी से कुछ कहना जल्दबाजी होगी, हम सभी स्रोतों से धन एकत्र करेंगे। 

प्रश्न : आमजन से मंदिर के लिए चंदा किस रूप में लिया जाएगा ? 

उत्तर : प्रयास रहेगा कि अधिकाधिक धन ऑनलाइन जुटाएं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। 

प्रश्न : मंदिर के लिए दशकों से पत्थर तराशे जा रहे हैं, उनका उपयोग कैसे होगा? 

उत्तर : मंदिर का प्रारूप कैसा भी रहे, तराशा गया हर पत्थर, हर ईंट निर्माण कार्य में लगेगी। 

प्रश्न : ट्रस्ट का मुख्य कार्यालय दिल्ली या अयोध्या, कहां बनेगा? 

उत्तर : कोष जमा कराने के लिए अयोध्या के एसबीआइ बैंक में खाता होगा, कार्यालय के लिए भी तीन स्थान अयोध्या में देखे गए हैं। 

प्रश्न : ट्रस्ट में किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति को न्यासी क्यों नहीं बनाया गया? 

उत्तर : किसी बड़ी मस्जिद की कमेटी या ट्रस्ट में हिंदू नहीं तो श्रीराम तीर्थ ट्रस्ट में अन्य क्यों रहे। वैसे भी ट्रस्ट का निर्माण केंद्र सरकार का निर्णय है। 

प्रश्न : आपको ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है, क्या सोचते हैं? 

उत्तर : मैंने कभी नहीं सोचा कि ट्रस्ट में शामिल रहूंगा, कोषाध्यक्ष तो दूर की बात है। कोष अधिक एकत्र हो, ठीक से व्यय हो, इस जिम्मेदारी को निभाऊंगा। 

प्रश्न : सीएए के विरोध में उप्र. और दिल्ली में हो रही हिंसा पर क्या कहेंगे? 

उत्तर : प्रधानमंत्री और गृहमंत्री सहित कांग्रेस के नेता कपिल सिब्बल कह चुके हैं कि सीएए से किसी का निष्कासन नहीं होगा। कुछ दलों को तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कदम का विरोध करना है। 

प्रश्न : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयानों पर भी विवाद होता रहा है? 

उत्तर : मैंने उनका कोई बयान ऐसा नहीं सुना, जिस पर विरोध होना चाहिए। अभी तक के कार्यकाल में उन्होंने बहुत अच्छा किया है। 

प्रश्न : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भारत अधिक उम्मीद तो नहीं लगा बैठा है? 

उत्तर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उस मिट्टी के बने हैं, जिनके लिए राष्ट्रहित पहले है। उनका सपना है कि अमेरिका जैसे देश भारत से मदद मांगे। वहां तक पहुंचने के लिए किसी का सहारा लेने में बुराई नहीं है। 

प्रश्न : श्रीराम मंदिर के विषय में कुछ और बताइए? 

उत्तर : श्रीराम लला का पूरे विधि विधान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण करना है, ताकि मंदिर निर्माण कार्य शुरू हो सके। उनके लिए सुरक्षित स्थान देखा जा रहा है। 

प्रश्न : वेद विद्यालयों में ब्राह्मण जाति के बच्चों को ही वेद शिक्षा क्यों? 

उत्तर : प्राचीन काल से ब्राह्मण बालकों को वेद शिक्षा देने की परंपरा है। उनके रोजगार की चिंता भी हम करते हैं। ब्राह्मण बालकों को कर्मकाण्ड का कार्य आसानी से मिल जाता है। महाराष्ट्र के बुलढ़ाना में वेद विद्यालय है जहां अन्य जातियों के बालक भी वेद शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। 

प्रश्न : देशभर में कितने वेद विद्यालय संचालित है? 

उत्तर : दक्षिण भारत में वेद विद्यालय खोलने की जरूरत नहीं है। उत्तर भारत में 41 विद्यालय हैं। बहुत जल्द पंजाब के होशियारपुर में भी वेद विद्यालय खोलेंगे।

Posted By: Anurag Shukla

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