पानीपत, जेएनएन। राजनगर के श्रमिक और उनकी मां के तीन बैंक खातों हैक करके ठगों ने ऑनलाइन खातों से 60000 रुपये निकाल लिए। मां-बेटे के खातों में एक ही मोबाइल नंबर था। इसके जरिये ठगों ने मां के खाते का पता लगाया। ठगों ने पीडि़त को लिंक भेजकर खाते में एक रुपये डलवाया और डेटा चोरी कर वारदात को अंजाम दे दिया।

एक फैक्ट्री में काम करने वाले राजनगर के तेजिंद्र शर्मा ने बताया कि 16 फरवरी को शाम छह बजे उसने दोस्त शुभम के लिए फिलिपकार्ट पर दस हजार रुपये की कीमत का मोबाइल ऑर्डर किया। इसकी डिलीवरी 20 फरवरी को होनी थी। डिलीवरी नहीं होने पर 21 फरवरी को गूगल पर कस्टमर केयर का पता कर कॉल की। उसकी पहले एक महिला से बात हुई। एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि वह फिलिपकार्ट का मैनेजर है। आपके मोबाइल की डिलीवरी रुक गई है। बताए लिंक पर एक रुपये खाते में डलवा दें। उसने एक रुपये डलवा दिया। 21 फरवरी को शाम 6:30 बजे उसके खाते से 55 हजार रुपये ऑनलाइन निकाल लिए। इसी दौरान उसने बाकी रुपये बचाने के लिए 50 हजार अपने दोस्त हरीश मल्होत्रा के खाते में ट्रांसफर कर दिए। 24 फरवरी को दोपहर दो बजे मैसेज आया कि उसकी मां सावित्री के खाते से पहले एक रुपये कटे और फिर 4999 रुपये निकल गए। उसकी छोटी बहन संगीता के बैंक खाते में भी उसने अपने मोबाइल फोन जोड़ रखा है। बहन के खाते में 400 रुपये थे।

चौकियों में काटता रहा चक्कर, थाने में हुई सुनवाई 

पीडि़त तेजिंद्र शर्मा ने बताया कि 21 फरवरी को वह आठ मरला चौकी गया। उसे डेढ़ घंटे खड़ा कर फटकार लगाई। उसे यह कहकर किशनपुरा चौकी भेज दिया कि घटनास्थल उसी चौकी का है। 24 फरवरी को मॉडल टाउन थाने और 25 फरवरी को मामला दर्ज किया। 

बहन की शादी के लिए लिया था लोन 

चार बहनों के इकलौते भाई तेजिंद्र ने बताया कि 2007 में पिता रामदत्त की ब्रेन हैमरेज से मौत हो गई थी। छोटी बहन संगीता की शादी के लिए एक लाख 10 हजार का बैंक से लोन लिया था।

शहर में ठगी के ये मामले 

4 फरवरी को शिवनगर की जयमाता एनक्लेव के मनबीर सिंह के खाते से 47907 रुपये निकाले।

27 जनवरी को बैंक ऑफिसर महावीर कॉलोनी के विशाल के खाते से 4000 रुपये निकाले। 

खोतपुरा गांव के देवेंद्र संधू के खाते 20000 रुपये निकाले। 

Posted By: Anurag Shukla

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