जागरण संवाददाता, पानीपत

सिविल अस्पताल में सिवाह निवासी महिला ने बेटी को जन्म दिया। दूसरी गर्भवती महिला के साथ आई तीमारदार ने खुद को आशा वर्कर बताकर नवजात के पिता से 700 रुपए बधाई की रकम ले ली। ठगे जाने का आभास हुआ तो उसने एमएस डॉ. आलोक जैन से शिकायत कर दी। खुद को फंसा देख उसने रकम लौटा दी।

सिवाह में किराए के घर में रहने वाले पप्पू ने एमएस डॉ. आलोक जैन को बताया कि प्रसव पीड़ा के चलते पत्नी गुड्डी को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था। बुधवार की सुबह गुड्डी ने बेटी को जन्म दिया। इसके कुछ देर बाद एक महिला प्रसूति कक्ष से बाहर आई और खुद को आशा वर्कर बताया। महिला ने बधाई देते हुए 1100 रुपये मांगे। जेब में 700 रुपये थे, उसने ले लिए। एमएस ने महिला को कार्यालय में बुलवाया। डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोडिया और प्रसूति कक्ष की स्टाफ नर्स भी पहुंच गई। पूछताछ में ठग महिला ने अपना नाम नुसरत निवासी रामनगर बताया। वह गर्भवती शकीला के साथ अस्पताल आई हुई थी।

उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए रकम लौटा दी। बता दें कि 19 अगस्त को भी एक आशा वर्कर ने स्टाफ नर्स पर बधाई रकम मांगे जाने का आरोप लगाया था। उसने बताया था कि बधाई रकम 500 से 1100 ली जाती है। बच्ची नहीं देने की दी धमकी :

पप्पू ने बताया कि वह किसी से उधार रकम लेकर आया था। उसने बधाई की रकम देने से इंकार किया तो उसे डराया गया कि स्टाफ नर्स बच्ची की केयर नहीं करेंगी। कक्ष के बाहर आई गईं तो तुम्हें खरी-खोटी भी सुनाएंगी। नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे :

आशा वर्कर ने 19 अगस्त को हुई घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने प्रसूति वार्ड के हॉल और गैलरी में सीसीटीवी कैमरे लगवाने का निर्णय लिया था। दस दिन बाद भी कैमरे नहीं लग सके हैं। मुकदमा दर्ज कराने से चूके :

ठग महिला के पकड़े जाने के बावजूद सिविल अस्पताल प्रशासन ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं कराया। हालांकि, स्टाफ नर्स उसे पुलिस को सौंपे जाने की बात कह रही थी। कुछ माह पहले भी एक महिला ने बच्ची के जन्म पर सरकार से 20 हजार रुपये दिलाने की बात कहकर एक प्रसूता से छह हजार रुपये ठगे थे।

Posted By: Jagran

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