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ये हैं 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान', जो मिला उसे ठगा, जानिए इनके कारनामे

इन ठग्स ने जो कारनामा किया है वह हैरान कर देने वाला है। ठग गिरोह ने विधवाओं, दिव्यांगों और साधुओं को भी नहीं बक्शा। जानिए क्या हैं इनके कारनामें।

By Ravi DhawanEdited By: Published: Wed, 14 Nov 2018 12:26 PM (IST)Updated: Wed, 14 Nov 2018 02:17 PM (IST)
ये हैं 'ठग्स ऑफ हिंदोस्तान', जो मिला उसे ठगा, जानिए इनके कारनामे

जेएनएन, पानीपत : बिटक्वाइन में निवेश करा रुपये दोगुना करने और कमिशन देने का झांसा देकर डॉक्टर, वकील ही नहीं विधवाओं, दिव्यांगों और साधुओं से भी अंतरराज्यीय ठग गिरोह के सरगना जींद की कृष्णा कॉलोनी के सुदेश पाल यादव ने ठगी की है। पीडि़तों ने मकान, प्लॉट और ब्याज पर रुपये लेकर भी ठगों को दे दिए।

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मंगलवार को स्थानीय लोगों के साथ-साथ भिवानी, नरेला, करनाल, रोहतक, जींद और हिसार के 48 लोगों ने डीआइ (डिस्ट्रिक्ट इंस्पेक्टर) अशोक कुमार को उनके कार्यालय में 5.70 करोड़ रुपये ठगने की शिकायत दी। इनमें भिवानी के 25 लोगों से एक करोड़ रुपये की ठगी भी शामिल है। सोमवार को पहले ही 20 लोग 2.10 करोड़ रुपये की ठगी की शिकायत कर चुके हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह ने 30 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की है।

सुदेश पाल चार दिन की रिमांड पर
पुलिस ने आरोपित सुदेश पाल को हर्षाली चौधरी की अदालत में पेश कर सात दिन का रिमांड मांगा। अदालत ने चार दिन का रिमांड दिया। डीआइ अशोक कुमार ने बताया कि रिमांड के दौरान सुदेश पाल की निशानदेही पर जम्मू में छिपाए आठ लाख रुपये बरामद किए जाएंगे और फरार आरोपितों को महाराष्ट्र में ढूंढ़ा जाएगा। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे पीडि़तों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। सुदेश पाल ने हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, गुजरात और अन्य जिलों में भी लोगों को ठग रखा है।

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शिकायत देने पहुंचे पीडि़त।

चेन सिस्टम से था ठगी का धंधा
पीडि़त किशनपुरा के प्रदीप ने बताया कि सुदेश पाल यादव ने फरवरी 2016 से मेलबर्न बीटीसी कंपनी बनाकर ठगी का धंधा चेन सिस्टम से चला रखा था। इस कंपनी से देश में 6800 लोग जुटे थे। इनमें से करीब 2000 लोग पानीपत के बताए गए हैं। वह 21, 56 और 93 हजार रुपये निवेश कराकर ग्राहक को हर दिन एक प्रतिशत कमाने का झांसा देता था।

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आरोपित सुदेश पाल।

मेंबर बना देता था कमीशन
एक व्यक्ति आगे मेंबर बनाता था उसे 10 से 17 प्रतिशत का कमीशन मिलता था। मेलबर्न बीटीसी डॉट बीआइजेड में ऑनलाइन बोली लगती थी। ग्राहक के पास आइडी व पासवर्ड होता था। इसी तरह से 30 से ज्यादा लाख रुपये लगाने वाले ग्राहकों को झांसा दिया जाता था कि उन्हें चार बिटक्वाइन पर हर रोज 60 हजार रुपये मिलेंगे। बिटक्वाइन की कीमत घर जाती थी तो सुदेश पास उसे बेचता नहीं था।


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