पानीपत, [विजय गाहल्याण]। खेल विभाग ने चार साल पहले जाटल गांव में राजीव गांधी खेल स्टेडियम बनाया था। अब स्टेडियम का बंटाधार हो चुका है। यहां पर नौ महीने से एथलेटिक्स कोच नहीं है। ग्राउंडमैन न होने से ट्रैक पर धूल उड़ती है। खेल का सामान नहीं है। 20 से ज्यादा एथलीट सोनीपत, हिसार व अन्य जिलों में पलायन कर चुके हैं। विभाग से सामान न मिलने पर एथलीटों ने मजबूरी में 21 हजार रुपये चंदा जुटाकर हर्डल, वेट ट्रेनिंग सैट और लोहे के स्टैंड खरीदे हैं। उन्होंने डिस्कस, शॉटपुट और खेल के अन्य उपकरण भी जेब से खर्च करके जुटाए हैं।

सीनियर एथलीट दे रहे ट्रेनिंग, विपरीत परिस्थितियों में जीत रहे पदक

सीनियर एथलीट शहंशाह ढौंचक स्टेडियम में एथलीटों का ट्रेनिंग दे रहे हैं। वे अपने पास से वेट ट्रेनिंग सेट पर 10 हजार रुपये खर्च कर चुके हैं। सुविधा के अभाव में बड़ौली की वर्षा राज्य स्तरीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। 20 नवंबर को आंध्रप्रदेश में होने वाली इंटर डिस्टिक्ट जूनियर नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 1 किलोमीटर दौड़ में कुनाल, 600 मीटर दौड़ में आदित्य और जैवलिन थ्रो में श्याम शिरकत करेगा।

पानी के लिए तरसते

स्टेडियम में ट्यूबवेल है। खेल विभाग ने कनेक्शन तक नहीं कराया है। टॉयलेट में पानी नहीं है। एथलीट पानी के लिए तरसते हैं। एथलीटों को घर से या फिर खेतों से पानी लाना पड़ता है। रात को स्टेडियम नशेड़ियों का अड्डा बन जाता है। इनकी रोकथाम के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। 1 मार्च को स्टेडियम के कोच महीपाल गौड़ का तबादला मेवात हो गया था। इसके बाद से कोच की नियुक्ति नहीं की गई।

सुविधा मिले तो राष्ट्र स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीत सकते है

एथलीट खुखराना गांव की रेखा, नोहरा की मोनी, जाटल के मोनू, सुताना के सुमित, पानीपत के आदित्य, आसन कलां के रवि, खंडरा के निर्मल, बिंझौल के राहुल व मोहित ने बताया कि उन्हें सुविधा मिले तो वे राज्य और राष्ट्र स्तर की प्रतियोगिता में पदक जीत सकते हैं।

राजीव गांधी खेल स्टेडियम में ट्यूबवेल का कनेक्शन जल्द कराया जाएगा। एथलीटों को पीने के पानी की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। खेल के सामान और कोच की व्यवस्था भी कराई जाएगी।

-अनिल कुमार, जिला खेल अधिकारी।

Posted By: Anurag Shukla

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