पानीपत, जेएनएन। सेक्टर-29 पार्ट-1 के फ्लोरा चौक के पास राजेश कॉलोनी स्थित क्वार्टर में रात को श्रमिक के साथ पहले शराब पार्टी की और फिर कैंची से गला रेतकर हत्या कर दी। अज्ञात हत्यारोपित मृतक का मोबाइल फोन भी लूटकर फरार हो गए। हत्यारों की संख्या दो या अधिक होने की आशंका है। मृतक अरुण मूल रूप से बिहार के जिला मोतिहारी के रजापुर चौबे टोला का रहने वाला था। 

मृतक के भाई रवि चौबे ने बताया कि वर्ष 2000 से दोनों पानीपत में अलग-अलग कॉलोनियों में किराये पर रह रहे थे। दोनों 22 जनवरी को गांव से लौटे थे। इसके बाद उन्होंने रोहताश कॉलोनी से कमरा छोड़ दिया और विकास नगर निवासी राजेश भारद्वाज के राजेश कॉलोनी स्थित क्वॉर्टर नंबर एक में रहने लगे। दोनों सेक्टर-29 स्थित अलग-अलग फैक्ट्रियों में काम करते थे। रवि के मुताबिक, अरुण बुधवार सुबह सात बजे और वह नौ बजे ड्यूटी पर चले गए। उसने रात को ओवर टाइम किया। अगले दिन सुबह बृहस्पतिवार को करीब सवा सात बजे घर पहुंचा तो कमरे के दरवाजे की कुंडी बाहर से बंद थी। कुंडी खोलकर अंदर गया और रजाई उठाई तो देखा कि अरुण की गर्दन कटी हुई थी। चारों तरफ खून बिखरा हुआ था। पास में कैंची पड़ी थी। पुलिस और एफएसएल टीम ने मौका मुआयना कर कमरे को सील कर दिया। डॉक्टर के अनुसार धारदार हथियार के वार से अरुण की गर्दन की सांस और खून की नली कट गई थी, जिसके कारण उसकी जान गई।

भाई बीड़ी-सिगरेट नहीं पीता था, न ही किसी से दुश्मनी थी
रवि ने बताया कि बड़ा भाई अरुण धूमपान नहीं करता था। न ही कमरे पर कभी शराब पी थी। भाई की खाना खाने से पहले ही हत्या कर दी गई। चावल व सब्जी गैस चूल्हे पर रखी थी। कमरे में बोतल में थोड़ी शराब, अंडे की भुर्जी, नमकीन के पैकेट, पानी की बोतल, बीड़ी के दो बंडल और एक सिगरेट मिली है। रवि के मुताबिक, अरुण की किसी से दुश्मनी नहीं थी। अरुण के परिवार में 8 वर्षीय बेटा रिशू, पत्नी नीतू देवी, बड़ा भाई मनोज चौबे, पिता हरिहर चौबे और बहन सुनीता हैं, जो गांव में रहते हैं। 

पड़ोसियों को भनक तक नहीं लगी
क्वॉर्टर मालिक राजेश भारद्वाज ने बताया कि उनके 20 क्वॉर्टर हैं। वहीं पर उनकी परचून की दुकान है। महीने के अंतिम बुधवार को दुकान बंद रहती है। वारदात की भनक पड़ोस के किरायेदारों को भी नहीं लगी।

100 नंबर पर 15 कॉल की, रिसीव नहीं हुई तो चौकी जाकर पुलिस को लाए
रवि ने बताया कि भाई अरुण की हत्या की सूचना देने के लिए 100 नंबर पर करीब 15 बार फोन किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद वह सेक्टर-29 चौकी गया और पुलिस को सूचना दी।  

सीसीटीवी कैमरा खोल सकता है राज
19 घंटे बाद भी पुलिस अरुण की हत्या की गुत्थी नहीं सुलझा पाई है। जहां अरुण रहता था उससे कुछ दूरी पर एक फैक्ट्री है। यहां सीसीटीवी कैमरा लगा है। पुलिस हत्यारों की पहचान के लिए सीसीटीवी खंगाल रही है।

अरुण की हत्या में कितने लोग शामिल हैं। वजह क्या है। इसका पता नहीं है। मृतक के भाई रवि के बयान पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। 
सतनारायण, चौकी प्रभारी, सेक्टर-29

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