जेएनएन, पानीपत : यमुनानगर में पांच जुलाई 2016 को ट्रॉमा सेंटर में चतुर्थ श्रेणी अनुबंधित कर्मी द्वारा विक्षिप्त युवती के साथ किए दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने फैसला सुना दिया। जबकि इसी अस्पताल में विक्षिप्त महिला के साथ पुलिसकर्मी द्वारा किए गए दुष्कर्म के मामले में पांच माह बाद भी मेडिकल रिपोर्ट नहीं आई है। जब भी पुलिस अधिकारी से रिपोर्ट के बारे में बात की जाती है तो उनका एक ही जवाब होता है, हमने रिमाइंडर लेटर भेजा हुआ है।रिपोर्ट कब आएगी इसके बारे में उनके पास कोई जवाब नहीं होता। पीड़िता को न्याय मिलना तो दूर अभी तक पुलिस ये भी पता नहीं लगा सकी कि उसके साथ दुष्कर्म की वारदात किसने की है।

ध्यान रहे कि 26 मार्च को पुलिस ने आरोपित पुलिसकर्मी के सैंपल जांच के लिए भेजा था। टेस्ट के लिए डाक्टरों ने आरोपित पुलिसकर्मी के ब्लड का सैंपल लिया था। सैंपल को जांच के लिए मधुबन स्थित लैब में भेजा गया। वहां से इसकी रिपोर्ट आते ही महिला से दुष्कर्म करने वाले गुनहगार का भी पता चलेगा, लेकिन डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है। इसके लिए 23 मार्च को कोर्ट से परमशिन ली थी। ये था मामला :

25 दिसंबर 2017 लोगों ने शहर में बीमार हालत में मिली विक्षिप्त महिला को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था 26 दिसंबर को अस्पताल में ही एक व्यक्ति ने उसके साथ दुष्कर्म कर दिया था। मौके की गवाह फरीदा ने मामले को उजागर किया। तब जाकर सिविल अस्पताल और पुलिस प्रशासन हरकत में आया था। महिला ने कैदी वार्ड में तैनात पुलिसकर्मी पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे।पुलिस ने अज्ञात पुलिसकर्मी पर केस दर्ज किया। सैंपल में महिला के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। उसके बाद पुलिसकर्मचारी के सैंपल लिए, जिसकी रिपोर्ट लटकी पड़ी है। वर्जन

थाना महिला की एसएचओ शीलावंती का कहना है कि हम भी चाहते हैं मेडिकल रिपोर्ट जल्द आए, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके। पुलिस मामले को गंभीरता से ले रही है।

Posted By: Jagran

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