विनोद जोशी, पानीपत

नगर निगम विकास कार्यो में अनियमितता को लेकर विवादों में रहा है। चाहे स्ट्रीट लाइट लगाने का मामला हो या फिर शहर में खराब पड़े ट्यूबवेलों का मुद्दा। साथ ही भ्रष्टाचार के आरोप में कर्मचारी भी रंगे हाथों पकड़े गए हैं। अब नगर निगम ने कमीशन का खेल खत्म करने के लिए ऐसा प्लान तैयार किया है, जिससे नाला गैंग, सफाई गैंग खत्म हो जाएगा। शहर के 26 वार्डों के पार्षदों को सफाई के लिए पावर सौंपी जाएगी। इसके लिए नगर निगम वार्ड लेवल पर टेंडर जारी करेगी। इसके लिए नाला गैंग व सफाई गैंग का अब बजट समाप्त होने वाला है।

नगर निगम में अब मेयर पार्षदों के साथ बैठक करके इसका रोडमैप बनाएंगी। वार्ड लेवल पर ही टेंडर जारी करवाया जाएगा ताकि पार्षद खुद अपने वार्ड की ठीक से सफाई करवा सकें। पार्षद अपने वार्ड में खुद तय करेगा कि कहां सफाई करवानी है। कूड़ा उठाने के लिए दो ट्रैक्टर दिए जाएंगे

प्रत्येक वार्ड में कूड़ा-कर्कट उठाने के लिए दो ट्रैक्टर दिए जाएंगे। नाला गैंग व सफाई गैंग अक्सर कुछ ट्रैक्टर का कूड़ा उठाने में प्रयोग करते है। इन ट्रैक्टरों की जानकारी भी संबंधित पार्षद के पास होगी। पार्षद लगाते रह जाते हैं चक्कर

शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। इसमें कभी नाला गैंग ठीक से सफाई नहीं करता तो कभी सफाई गैंग पर सीवर की सफाई ठीक नहीं करने के आरोप लगते रहते है। इसकी शिकायत के लिए पार्षद, अधिकारियों के पास चक्कर काटते रहते थे। इसके बावजूद कोई काम नहीं हो पाता था। जानिए..पार्षद ऐसे करवा सकेंगे शहर में सफाई

वार्ड लेवल पर जारी टेंडर के अनुसार एक ठेकेदार नियुक्त होगा। उसी ठेकेदार का संपर्क पार्षद से होगा। कितने कर्मचारी चाहिए, कितने नहीं, वह सब ठेकेदार खुद तय करेगा। इससे 24 घंटे के अंदर-अंदर संबंधित एरिया की सफाई हो सकेगी। इस तरह लेते हैं निगम से सफाई के लिए चार्ज

नाला गैंग : यह ठेका 22 लाख रुपये प्रति माह है। इसमें 148 कर्मचारी हैं। इनमें 70 कर्मचारी जेबीएम का काम करते हैं। बाकी 78 नालों की सफाई करते हैं। रिहायशी व औद्योगिक सेक्टरों की सफाई के लिए 40 लाख रुपये प्रति माह ठेका चल रहा है। इसमें शहर की छह प्रमुख सड़कें भी शामिल हैं। सफाई के युद्ध स्तर पर तैयार किया जा रहा रोडमैप

नगर निगम की मेयर अवनीत कौर का कहना है कि सभी वार्डों का अलग से टेंडर होगा। इसमें नाला गैंग व सफाई गैंग को खत्म कर पार्षदों को ठेकेदार के साथ जोड़ा जाएगा। ताकि पार्षद अपनी मर्जी से सफाई करवा सके। वार्ड लेवल टेंडर अगले दो माह में लग जाएंगे।

Edited By: Jagran