जागरण संवाददाता, पानीपत : आढ़ती सतीश की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिजनों ने सब्जी विक्रेता कर्मबीर का शव लेने से इंकार कर दिया। पोस्टमार्टम होने के बाद भी शुक्रवार को शव करनाल के कल्पना चावला अस्पताल में रखा रहा। परिजनों का आरोप है कि थाने बुलाकर भी पुलिस ने आढ़ती सतीश को गिरफ्तार नहीं किया। कार्यकारी थाना प्रभारी एसआई सत्यनारायण ने बताया कि जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

थाने पहुंचे भाई सूरजभान, रोहताश, राजेश, राजकुमार, सुरेश, नीरज, अजय आदि ने बताया कि शुक्रवार सुबह से ही पुलिस उन्हें सतीश की गिरफ्तारी करने का आश्वासन दे रही थी लेकिन आरोपितों की ऊंची पहुंच के कारण उन्हें पुलिस की बातों पर यकीन नहीं हुआ। इसी कारण शव भी नहीं लिया। दोपहर दो बजे वे थाने पहुंचे तो मुनीम जोनी हवालात में था। जबकि आढ़ती सतीश पुलिसकर्मियों के साथ ही बैठा था। पुलिसकर्मियों ने दावा किया कि सतीश को भी गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन रोजनामचे में उसकी गिरफ्तारी की कोई एंट्री नहीं मिली। परिजनों का आरोप है कि जब तक आरोपित सतीश की गिरफ्तारी नहीं होती, वे कर्मबीर का शव नहीं लेंगे। जल्द ही आरोपित के खिलाफ कार्रवाई न होने पर धरना देने की चेतावनी दी। आरोपित जोनी को लिया एक दिन के पुलिस रिमांड पर

एसआई सत्यनारायण ने बताया कि आरोपित मुनीम जोनी को शुक्रवार को अदालत में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। जिससे पूछताछ करके हत्या के असल कारण जानने का प्रयास किया जा रहा है। आरोपित के बयानों और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। सब्जी मंडी में दिनदिहाड़े की थी हत्या

सब्जी मंडी में नशे में मुनीम जोनी ने बृहस्पतिवार दोपहर बाद कर्मबीर की पटक-पटक कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसके बड़े भाई रणधीर के साथ भी विरोध करने पर मारपीट की। कर्मबीर ने कल्पना चावला अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। आक्रोशित लोगों ने ही बृहस्पतिवार देर शाम जोनी की धुनाई कर उसे पुलिस के हवाले किया था।

Posted By: Jagran

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