जागरण संवादददाता, पानीपत : सीआइए-टू पानीपत ने अंतरजिला चोर गिरोह के सरगना को दबोच लिया है। आरोपित की पहचान अनिल पुत्र राजकुमार निवासी महलाना जिला सोनीपत के रूप में हुई है। अनिल गिरोह के साथ पानीपत व सोनीपत में चोरी की वारदातों को अंजाम देने में पकड़े जाने पर दो बार सजा काट चुका था। उसने जेल से बाहर निकलते ही गैंग को तोड़कर अकेले ही चोरी शुरू कर दी। पानीपत के मॉडल टाउन, किला थाना, चांदनी बाग और मतलौडा में चोरी की 15 वारदातों को अंजाम दिया। पुलिस ने तीन दिन का रिमांड पूरा होने के बाद कोर्ट में पेश कर उसे फिर से एक दिन के रिमांड पर लिया है। वह मकानों या दुकानों की दिन में रेकी कर रात को निशाना बनाता था।

डीएसपी मुख्यालय सतीश कुमार वत्स ने शुक्रवार को घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीआइए-टू प्रभारी इंस्पेक्टर दीपक कुमार की टीम ने सोमवार शाम को देशवाल चौक से अनिल को देसी कट्टे के साथ काबू किया था। थाना माडल टाउन में आ‌र्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उससे पूछताछ की गई। उसने जिले में चोरी की 15 वारदातों में संलिप्तता की बात कुबूल की। दो मुकदमों में हुई सजा

छानबीन में आरोपित के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में पता चला। उसके खिलाफ पहले भी पानीपत, सोनीपत के गन्नौर थाना व दिल्ली में चोरी के करीब 17 मुकदमे दर्ज हैं। दो मुकदमों में दो और तीन वर्ष की कैद भी हो चुकी है। पुलिस ने आरोपित से पांच एलईडी, दो लैपटाप, 13 मोबाइल व तीन लाख की नकदी बरामद की है। दो पत्निया, दो-दो बच्चे, महंगी शराब का आदी

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपित अनिल की शादी 2003 में हुई थी। उसने 2014 में दूसरी शादी की। उनके दो-दो बच्चे हैं। दोनों पत्नियां अलग-अलग रहती हैं। आरोपित जुआ खेलने, महंगी शराब पीने और अय्याशी का शौकीन है।

Posted By: Jagran

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