पानीपत, जेएनएन। दो पुराने किरायेदारों ने साथी के साथ मिलकर शास्त्री कॉलोनी के व्यापारी सलीम के इकलौते बेटे शादाब का अपहरण कर लिया। पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी। परिजन तीन लाख रुपये देने को तैयार भी हो गए, लेकिन पकड़े जाने के डर से तीनों ने शादाब की पहले ही हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया। इस बीच, दो अपहरणकर्ता पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पूछताछ में दोनों ने वारदात कुबूल की है। इनमें से एक कानपुर जिले के गुरसहायगंज के सलमान और दूसरा मैनपुरी के गांव बृजपुर का रहने वाला गौरव है। तीसरा संजय फरार है। वह भी मैनपुरी का रहने वाला है। शव की तलाश जारी है। वारदात बीती 8 फरवरी की है।

पूछताछ में गौरव ने बताया कि वह और सलमान डेढ़ साल पहले शास्त्री कालोनी में शादाब के मकान में किराए पर रहते थे। फिर, दोनों अलग हो गए। सलमान शास्त्री नगर में ही रुक गया। गौरव उत्तर प्रदेश के मैनपुरी निवासी संजय के साथ महराणा में विजय नामक फैक्टरी के क्वार्टर में रहने लगा। सलमान भी इसी फैक्टरी में काम करता था।

फैक्टरी में शादाब को बुलाया
तीनों ने यहां शादाब के अपहरण की साजिश रची। उन्हें पता था कि शादाब इकलौता बेटा है और पिता सलीम फिरौती दे सकता है। सलमान ने बताया कि शादाब उसकी और गौरव की आवाज पहचानता था। इसलिए संजय से शादाब को फोन कराया। संजय ने बाइक बेचने का झांसा देकर शादाब को नहर पर बुलाया और बंधक बना लिया। फिर फोन कर सलीम से पांच लाख फिरोती मांगी।

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हत्या के आरोपित।

बंधक नहीं बना पाए तो की मारपीट
शादाब को तीनों आरोपितों ने पकड़ लिया। लेकिन उसे काबू नहीं कर सके। इसके बाद संजय, गौरव और सलमान ने मारपीट की। हथौड़ा से उसके सिर पर वार कर उसे बेहोश कर दिया और हाथ पांव बांधकर स्क्रैप रूम में बंद कर दिया।

उसी के फोन से मांगी फिरौती
सलीम एक साल पहले गोहाना रोड नहर के पास कंबल वेस्ट के गोदाम में काम करते थे। कुछ समय से पल्लेदारी के काम में लग गए थे। इकलौता बेटा शादाब (22) बाइक रिपेयरिंग का काम करता था। चार महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। आरोपितों ने उसी के फोन से फ‍िरौती मांगी। सलीम तीन लाख रुपये की फिरौती देने के लिए तैयार हो गए।

दी दर्दनाक मौत
आरोपित इस बात से घबराए हुए थे कि शादाब ने उन्हें पहचान लिया है और पोल खोल देगा। उन्होंने शादाब का रस्सी से गला दबाया। सिर पर हथौड़े से वार किय।  फिर गले पर लोहे की रॉड रखकर तब तक खड़े रहे जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। शव को कंबल में लपेटकर बोरे में डाला और नहर में फेंक दिया।

संजय भाग गया, सलमान और गौरव मांगते रहे फिरौती के पैसे
वारदात के बाद संजय फरार हो गया। हालांकि सलमान और गौरव 12 फरवरी शाम को सलीम के परिजन से एक बार फिर फिरौती की रकम मांगी। परिजन तीन लाख देने को तैयार हुए। वहीं पुलिस की साइबर सेल ने मोबाइल फोन की लोकेशन से आरोपितों को ट्रेस कर धर दबोचा। 

पुलिस को शव की तलाश
पुलिस गोताखोरों की मदद से नहर में छानबीन में जुटी है। वहीं आरोपितों को रिमांड में लेकर पूछताछ में कर रही है कि शव को किस लोकेशन में फेंका था। पुलिस अधिकारी दूसरे थानों से भी सूचना दे दी है।

शादाब की हत्या में इस्तेमाल हथौड़ा बरामद
शास्त्री कॉलोनी में व्यापारी के इकलौते शादाब की हत्या में इस्तेमाल हथौड़ा व रॉड महराणा स्थित विजय फैक्ट्री से सीआइए-2 ने बरामद कर लिया है। इन हथियारों की बरामदगी हत्या आरोपित सलमान व गौरव की निशानदेही पर हुई है। दो दिन के रिमांड के बाद पुलिस ने दोनों आरोपितों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें फिर से दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। फरार हत्या आरोपित उत्तर प्रदेश के जिला मैनपुरी के संजय की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापामारी की जा रही है। 

शव नहीं मिला
सीआइए-2 प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों के साथ-साथ पुलिस शाराब के शव को चार गोताखारों की मदद से पश्चिमी यमुना लिंक नहर में तलाश रही है। इसके लिए सोनीपत व रोहतक पुलिस की सहयोग भी लिया गया है। नहर विभाग के गार्ड भी नहर पर नजर रखे हुए हैं। रविवार को नहर का पानी कम कराया जाएगा। बता दें कि आठ फरवरी को गौरव, सलमान व संजय ने महराणा में विजय फैक्ट्री में शादाब की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया था। परिजन से पांच लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। 

Posted By: Ravi Dhawan

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