जागरण संवाददाता, पानीपत : विधानसभा चुनाव के लिये रविवार को पोलिग पार्टियों को रवाना किया गया। इससे पहले सभी पोलिग पार्टियों को अलग-अलग केंद्रों से मतदान सामग्री प्रदान की गई। डयूटी लगने के बाद कई कर्मचारी बीमारी की चपेट में आ गए। जिस कारण उन्हें खुद ही अस्पताल के बेड से उठकर चुनाव सामग्री केंद्र पहुंचना पड़ा। हालांकि घंटों चक्कर काटने के बाद भी उनकी डयूटी नहीं कट पाई।

चुनावी डयूटी से बचने के लिये कर्मचारी-अधिकारी सिफारिश लगवाना शुरू कर देते हैं। कुछ कर्मचारियों और अधिकारियों को वास्तव में डयूटी करने में असमर्थता के बाद भी डयूटी नहीं कट पाती। ऐसा ही कुछ रविवार को आर्य ग‌र्ल्स कॉलेज में देखने को मिला। सिवाह गांव के सुमित शहर स्थित यूनाइटेड बैंक में कार्यरत हैं। तीन दिन से वह डेंगू बुखार की चपेट में हैं और एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी प्लेलेट्स घटकर 52 हजार पहुंच चुकी है। उनके पिता कई बार मेडिकल कागज लेकर तहसीलदार के पास पहुंचे और समस्या बताई, लेकिन तहसीलदार ने खुद मरीज को लाने को कहा। रविवार को सुमित हाथ में ड्रिप लगाए सामग्री वितरण केंद्र पहुंचा। इसके बाद भी अधिकारियों ने उसकी नहीं सुनी। उसके पिता ने बताया कि अधिकारी उसके बेटे के स्थान पर उनसे डयूटी कराने की बात कह रहे हैं।

वहीं, जीटी रोड स्थित यूनियन बैंक के कर्मचारी आशुतोष सर्वाइकल से पीड़ित हैं। वह गले में बेल्ट पहने अपनी पत्नी के साथ डयूटी कटवाने पहुंचे। दोपहर तक उनकी भी डयूटी नहीं कट पाई। उन्होंने बताया कि वह गर्दन घुमाने में असमर्थ है। अधूरी निकली चुनाव सामग्री

पोलिग पार्टियों ने चुनावी सामग्री लेने के बाद उसकी जांच की तो कई बंडलों में सामग्री अधूरी निकली। किसी बंडल में पेपर तो किसी में मुहर नहीं मिली। कई-कई बार जांच के बाद उन्होंने इसकी शिकायत की और चुनाव सामग्री को पूर्ण करने के बाद अपने-अपने मतदान केंद्रों की ओर रवाना हुए।

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