पानीपत, जेएनएन। शहर की आबोहवा में जहर कम नहीं हो रहा है। शुक्रवार को एयर क्वालिटी इंडेक्स में पीएम-2.5 का स्तर 402 पार कर गया। पीएम-10 का स्तर 410 रहा। जो खतरनाक श्रेणी में आता है। स्थिति बेहद गंभीर है। जिले की सुबह स्मॉग के साथ हो रही है। दिन के समय कुछ विजिबिलिटी बढ़ती है जो शाम को जस की तस हो जाती है।

एनवायरमेंट प्रोटेक्शन एंड कंट्रोल अथॉरिटी (ईपीसीए) ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए 5 नवंबर तक कोयला आधारित उद्योगों को बंद रखने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान डीजल जनरेटर चलाने पर भी प्रतिबंध जारी रहेगा। ईपीसीए के चेयरमैन भूरे लाल ने प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली, फरीदाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, सोनीपत, पानीपत में कंस्ट्रक्शन गतिविधियों सहित हॉट मिक्स प्लांट, स्टोन क्रशर पर भी प्रतिबंध रहेगा।

पानीपत के 400 उद्योग प्रभावित

प्रतिबंध लगने से पानीपत के 400 से अधिक उद्योग प्रभावित होंगे। उद्यमियों का कहना है कि पानीपत में आधे से अधिक लेबर के छुट्टी पर जाने से बंद हैं। स्कूलों में आउटडोर गतिविधियां कम करने, सुबह शाम सैर पर जाने में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिजली निगम को 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने के निर्देश हैं, जिससे डीजल जनरेटर नहीं चलाने पड़ेंगे। पूरे एनसीआर में बिना जिगजैग तकनीकी वाले ईंट भट्ठों को भी बंद रखने के निर्देश दिए हैं। पानीपत में 12 ईंट भट्टे बंद किए गए हैं। शहर की सड़कों को स्वी¨पग मशीन से डस्ट सफाई के निर्देश दिए हैं।

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उद्योग अब भी वातावरण में घोल रहे जहर

स्मॉग की खतरनाक स्थिति के बावजूद प्रशासन के निर्देशों पर सुनवाई नहीं हुई। प्रशासन बार-बार कोयला चलित उद्योगों को बंद रखने का निर्देश देता रहा। ईपीसीए के चेयरमैन भूरे लाल ने भी कोयला आधारित ईंधन जलाने वाले उद्योगों को बंद रखने के निर्देश दिए। इसके बाद भी उद्योगों की चिमनी काला धुआं छोड़ती रही। एक राहगीर ने सेक्टर 29 में पुलिस थाने के नजदीक रात को एक उद्योग की चिमनी से निकल रहे काले धुएं के वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर जारी की। सुप्रीम कोर्ट ने भी सोशल मीडिया की शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश दिए हुए हैं।

  • एयर क्वालिटी इंडेक्स
  • 0-50 तक अच्छा होता
  • 51-100 तक संतोषजनक
  • 201-300 खराब श्रेणी
  • 301-400 बेहद खराब
  • 401 से 500 खतरनाक
  • 500 से ऊपर आपातकाल स्थिति के लिए होता है

स्मॉग में ये बरतें सावधानी, बीमार हैं तो रखें अपना ख्याल

वायु प्रदूषण का सबसे बुरा असर अस्थमा के मरीजों पर होता है। बिना इन्हेलर के घर से बाहर न जाएं। बाहर के प्रदूषण से साथ अंदर के प्रदूषण से भी बच कर रहें। सांस की तकलीफ होने पर मरीज के हर अंग को अधिक काम करना पड़ता है। ऐसे में थकावट, चिड़चिड़ापन, गुस्सा और घुटन की शिकायत अधिक रहती है।

टोल भी बंद हो : विशेषज्ञ

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सीनियर साइंटिस्ट राजेश गढ़िया का कहना है कि टोल पर जाम लगने के कारण वाहनों को प्रदूषण अधिक हो रहा है। तीन चार दिन के लिए टोल बंद होना चाहिए।

वायु प्रदूषण होने पर ऐसा करें

मास्क लगाएं। प्यूरीफायर वाले कमरे में रहें। प्रदूषित जगहों पर न जाए, बाहर से जो भी चीज ला रहे हैं उसे धोकर ही कमरे में रखें। परफ्यूम, अगरबत्ती, मच्छर मारने वाली क्वायल का इस्तेमाल न करें।

पानी का छिड़काव शुरू कराया

डीसी के आदेश पर नगर निगम ने शुक्रवार को फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की मदद से सेक्टर 24 अग्रवाल चौक के आसपास पेड़ पौधों पर पानी का छिड़काव करवाया। इस दौरान मेयर अवनीत कौर स्वंय मौजूद रही। स्मॉग से तत्काल राहत के लिए डीसी ने नगर निगम के अलावा हॉर्टिकल्चर और फायर ब्रिगेड को भी आदेश जारी किए थे। हवा में पीएम 2.5 की मात्र 439 से अधिक दर्ज की गई है। जबकि यह 50 होनी चाहिए। नौ गुणा अधिक हवा खराब हो गई है।

Posted By: Anurag Shukla

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