जागरण संवाददाता, पानीपत: सेक्टर 12 स्थित डीएवी स्कूल वाली गली में बिजली के स्मार्ट मीटर खंभे पर 10-10 फुट की ऊंचाई पर लगाए हैं। मीटर लगाने आए एलएंडटी कर्मियों को उपभोक्ताओं ने रोका। टीम में शामिल कर्मियों ने उनकी बातों की अनसुनी कर दी। उपभोक्ता परेशान हैं कि इतनी ऊंचाई पर मीटर रीडिग कैसे देख सकेंगे। रीडिग की गड़बड़ियों को कैसे जान सकेंगे।

सेक्टर 12 में 936 व 937 मकान नंबर के पास खंभे पर तीन स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। एलएंडटी टीम में शामिल तकनीकी कर्मचारियों ने इसे खंभों पर लगाया है। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार घर से बाहर मीटर सामान्यतया 4-5 फीट की ऊंचाई पर होनी चाहिए, जिससे कि रीडिग लेने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो। मीटर के अंदर जाने वाली तार भी छह इंच से एक फीट तक रखने का प्रावधान है ताकि जलने की स्थिति में तार को आवश्यकता के अनुसार मीटर के अंदर किया जा सके। बिजली निगम के इन नियमों का पालन नहीं किया गया है। रीडिग में गड़बड़ी की संभावना

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सेक्टरवासी सूरज बांगा ने बताया कि सॉफ्टवेयर नहीं आया है। इसे शुरू करने में एक साल का समय लग सकता है। रीडिग लेने में परेशानी होगी। मीटर पर धूल मिट्टी जमने से असुविधा होगी। रीडिग गलत आने पर उसे सुधरवाने के लिए बिजली निगम के दफ्तर में धक्के खाने होंगे। पास में दूसरे उपभोक्ताओं के मीटर 4-5 फीट की ऊंचाई पर है। उपभोक्ता हितों का नहीं रखा ध्यान

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सेक्टर 12 में रहने वाले विरेंद्र तनेजा ने बताया कि बिजली बिल को लेकर उपभोक्ता पहले से परेशान हैं। सेक्टर 12 में स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान निगम के मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है। उपभोक्ता हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए।

Posted By: Jagran

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