यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 29, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
स्मार्ट मीटर बने जी का जंजाल, बिल भरने के बाद भी 15 घंटे लाइट कटी
बिजली वितरण निगम ने स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं। ये मीटर उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बनते जा रहे ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, पानीपत : बिजली वितरण निगम ने स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं। ये मीटर उपभोक्ताओं के लिए जी का जंजाल बनते जा रहे हैं। इन मीटर की कंट्रोलिग पंचकूला मुख्यालय से होती है। वहीं से मीटर की रीडिग लेकर बिल भेजा जा रहा है। सबसे बड़ी समस्या यह बन रही है कि कई उपभोक्ताओं के एक-एक साल के बिल नहीं आए, उपभोक्ता ने शिकायत की तो गलत बिल भेज दिया। बिल ठीक होता इससे पहले ही कनेक्शन काट दिया गया। अब उपभोक्ता को कनेक्शन चालू करवाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
केस-1
सेक्टर 11 में होटल व्यवसायी ओपी माटा का घर है। घर का एक साल का बिजली का बिल नहीं भेजा गया। एक साल बाद सात लाख रुपये का बिल भेज दिया गया। बिल ठीक नहीं हुआ कनेक्शन काट दिया गया। उसे जुड़वाया गया। बिल भी सात लाख का भरना पड़ा। उसके अगले दो माह फिर बिल नहीं आया। निगम में शिकायत दी तो दो महीने का बिल एक लाख 04 हजार भेज दिया। ओपी माटा ने बताया कि उनका औसतन बिल 20-25 हजार से कभी ज्यादा नहीं आया। स्मार्ट मीटर लगने के बाद गलत बिल भेजे जा रहे हैं। कई-कई महीने के इकट्ठे बिल भेज रहे हैं। केस-2
बिल भरने के बाद भी 15 घंटे कनेक्शन कटा रहा
वीरवार रात मलिक एनक्लेव सेक्टर 25 में डाक्टर अजय के घर का कनेक्शन कट गया। अजय ने बताया कि उन्होंने बिजली निगम अधिकारियों से बात की तो कहा गया कि बिल नहीं भरा होगा। साइट पर बिल चेक किया। 19 हजार रुपये का बिल आया हुआ था। जो दो नवंबर की ड्यू डेट पर भरा जाना था। पांच दिन पहले ही बिल भर दिया था। उसके बाद भी कनेक्शन काट दिया गया। स्थानीय अधिकारियों से बात की तो एक ही रटा-रटाया जवाब मिला। पंचकूला से कटा है हमारे हाथ में नहीं है। पंचकूला में संबंधित अधिकारियों से रात 12 बजे बात हुई। बिल की जानकारी भी दी गई। उसके बाद भी 15 घंटे बाद बिजली आपूर्ति शुरू हो पाई।
