जागरण संवाददाता, समालखा : कस्बे की आबादी से हाईटेंशन तार गुजरने से कई बार हादसे हो चुके हैं, लेकिन इसे शिफ्ट नहीं किया जा सका है। गत 26 नवंबर को भी वार्ड नंबर-4 में पटवार खाना के पीछे हाईटेंशन तार के टूटकर गिरने से एक मजदूर की बाइक और दूसरे मालिक की स्कूटी जल गई थी। गली में बैठे लोग, खेल रहे बच्चे व राहगीर बाल-बाल बच गए थे। लोगों ने कई दिनों तक हाई टेंशन तारों को जोड़ने नहीं दिया था। बाद में पुलिस की मदद से उसे जोड़ा गया। जौरासी एपी फीडर की लाइन कई दिनों तक बाधित रही थी। निगम ने आबादी में आधा दर्जन डेंजर जगह को चिह्नित किया है।

उल्लेखनीय है कि कस्बे के वार्ड नंबर-4 और 5 सहित लाइन पार की आबादी से 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। करीब 4-5 दशक पहले ये लाइन बिछाई थी। उस समय यहां आबादी नहीं दी। अब लोगों ने लाइन के नीचे और नजदीक में मकान और दुकान बना लिए हैं। कुछ जगहों पर सड़कों के किनारे से भी लाइन गुजर रही है। लाइन के पुराने और जर्जर होने से तार टूटते है, जिससे हादसे का डर बना रहता है।

पानीपत में हादसे के बाद लोगों में रोष

पानीपत में छत पर टीन की चादर चढ़ा रहे दो युवकों की मौत से कस्बे के लोगों में भी रोष है। उन्हें अपने यहां भी हादसे का डर सता रहा है। गांधी कॉलोनी की कविता, मीनू, सुमित्रा, सीमा और कुलदीप शर्मा आदि ने कहा कि उनकी कॉलोनी से जौरासी एपी की हाई वोल्टेज लाइन गुजर रही है। पिछले महीने भी तार टूटकर गिरने से गली में खड़ी बाइक और स्कूटी जल गई थी। दो साल पहले सुभाष और भारत नंदवानी की कार जल गई थी। तीन साल में तीन बार तारें टूट चुकी है। गली में बैठने, बच्चों के खेलने और गुजरने में भी डर लगता है। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर को भी हादसे से कुछ देर पहले गली से स्कूल वैन निकली थी। एस्टीमेट तैयार, टेंडर का इंतजार : एसडीओ

एसडीओ वतन सेढ़ा ने कहा कि कस्बे की अधिकृत आबादी से गुजर रही छह डेंजर जगह को चिह्नित किया है। इनमें गांधी कॉलोनी और लाइन पार भी शामिल है। इसका एस्टीमेट तैयार हो गया है। निविदा लगाने की तैयारी चल रही है। अगले महीने तक काम शुरू कर दिया जाएगा। जल्द ही लाइनों को शिफ्ट कर दिया जाएगा।

Posted By: Jagran

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