पानीपत, [रामकुमार कौशिक]। राजकीय स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई कराने और निजी स्कूलों की तर्ज पर चलाने के लिए माडल बनाया गया। सीबीएसई से मान्यता दिलाई गई। इनमें से एक है शहर के लालबत्ती स्थित राजकीय माडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल। जहां दाखिल पाने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। यहां विद्यार्थियों की संख्या जिले में सबसे ज्यादा है।

इस स्कूल का नाम भले माडल हो, लेकिन सुविधा सामान्य से भी कम है। कमरों व शिक्षकों से लेकर अन्य सुविधाओं का भारी टोटा है। सफाई भी पार्ट टाइम स्वीपर के भरोसे है।

कमरों का टोटा, दो शिफ्ट में लगाना पड़ रहा स्कूल

माडल स्कूल में पहली से 12वीं तक 11वीं कक्षा को छोड़ करीब 2200 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। विद्यार्थियों की ये संख्या 3000 तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में एक कमरे में 40 विद्यार्थियों को बैठाने पर भी 75 कमरों की जरूरत है। लेकिन हाल में तीन लैब सहित 41 कमरे हैं। ऐसे में मजबूरीवश स्कूल को दो शिफ्टों में चलाना पड़ रहा है। सुबह 7:30 से दोपहर 12 बजे तक नौंवी से 12वीं और दोपहर 12:15 से शाम 5:15 तक पहली से आठवीं की कक्षाएं लगती हैं। अब नई बिल्डिंग के चलते दो लैब व संग्रहालय वाला कमरा भी तोड़ा जाएगा। इससे स्कूल में कमरों की कमी बढ़ेगी।

गर्मी में बिजली जाने पर होती है परेशानी

माडल स्कूल में कंप्यूटर लैब व जरूरत पड़ने पर कार्यालय के सिस्टम चलाने को लेकर ही जनरेटर की व्यवस्था है। एनएफएल की ओर से एक सौर ऊर्जा सिस्टम भी लगाया गया है। लेकिन उससे भी कुछ कमरों में ही सप्लाई हो पाती है। ऐसे में बिजली का कट लगने पर विद्यार्थियों को गर्मी में परेशानी होती है।

कमरे भी बेहाल

स्कूल में कमरा नंबर 21 से 29 की सूरत बेहाल है। फर्श टूटने से बैठने लायक तक नहीं है। उन्हें विशेष मरम्मत की जरूरत है। ज्यादातर कमरों की बिजली वायरिंग भी खत्म हो चुकी है। तारों में जोड़ तोड़ करके चलाया जा रहा है। रास्ते के पास खंभे से नीचे लटकती केबल तार हादसे को दावत दे रही है।

शिक्षकों की कमी

स्कूल में शिक्षकों की कमी है। पीजीटी के 26 में से नौ, टीजीटी के 33 में से 18 और पीआरटी के 21 में से छह पद खाली है। इसमें होम साइंस, सोशल साइंस, गणित, साइंस से लेकर हिंदी विषय तक के शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। शिक्षकों को कई कई सेक्शन के विद्यार्थियों को एक साथ बैठा पढ़ाना पड़ रहा है। बच्चों की पढ़ाई ठीक से नहीं हो पा रही है।

पार्ट टाइम स्वीपर के भरोसे सफाई

माडल स्कूल में एक सफाई कर्मी का पद स्वीकृत है। पिछले काफी दिनों से वो भी खाली है। ऐसे में पार्ट टाइम स्वीपर के भरोसे स्कूल की सफाई व्यवस्था है। जिसे प्रिंसिपल व शिक्षक पैसे एकत्र कर देते हैं। उसके न आने पर कई बार बच्चों व शिक्षकों तक को सफाई करनी पड़ती है।

अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं

स्कूल प्रिंसिपल प्रतिमा ने बताया कि स्कूल में शिक्षकों की जो कमी है। उस बारे समय समय पर स्टाफ पोजीशन भेज अधिकारियों को अवगत कराया जाता है। जहां तक बात कमरों की है, नई बिल्डिंग बनने पर ही ये समस्या दूर होगी। उक्त सुविधाओं के बीच वो अच्छा करने के प्रति प्रयासरत हैं।

नई बिल्डिंग को लेकर टेंडर लग चुका है

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बृजमोहन गोयल ने बताया कि स्कूल की नई बिल्डिंग के निर्माण को लेकर टेंडर हो चुका है। 7.56 करोड़ में तीन मंजिला बिल्डिंग बनेगी। जहां तक स्टाफ की कमी की बात है। इसको लेकर उच्चाधिकारियों को लिखा गया है। स्कूल में हर सुविधा मुहैया कराने को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं।

किस विषय के कितने शिक्षकों के पद खाली

टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक)---

विषय -----------------संख्या-----------खाली

सोशल साइंस----------10--------------5

गणित -----------------05--------------1

साइंस-----------------04---------------3

म्यूजिक---------------02---------------2

डीपीई----------------05---------------3

रिसोर्स----------------01---------------1

ड्राइंग -----------------01---------------1

हिंदी -----------------05---------------2

पीआरटी (प्राथमिक शिक्षक)

कुल पद ----------खाली

21 --------------6

पीजीटी (स्नातकोत्तर शिक्षक)

विषय -----------------संख्या-----------खाली

हिंदी -----------------05--------------1

संस्कृत--------------02--------------1

राजनीतिक विज्ञान--02--------------1

अर्थशास्त्र-----------03--------------1

कामर्स--------------03--------------1

भौतिक विज्ञान-----04--------------1

रसायन विज्ञान-----03--------------2

फाइन आर्ट--------01--------------1

जीवविज्ञान---------02 -------------1

Edited By: Anurag Shukla