अरविन्द झा, पानीपत : सनातन धर्म संगठन में प्रधान पद को लेकर उपजा विवाद सोमवार को सोशल मीडिया पर छाया रहा। महासचिव डॉ. महेंद्र शर्मा ने संगठन को माटी के मोल बिकने की बात कह पांच बार प्रधान पद पर रहे सूरज पहलवान को चैलेंज किया कि रिश्ते में मामा वेद प्रकाश शर्मा (कैशियर) के प्रधान बनने के रास्ते में रोड़ा न डालें। शर्मा बिरादरी और उनके समर्थकों को पहलवान की प्रधानगी अब कतई मंजूर नहीं है। दावा किया जा रहा है कि संगठन अब शर्मा बिरादरी के इशारे पर चलेगी।

चालीसवें वर्ष में प्रवेश करने वाला सनातन धर्म संगठन के प्रधान का सेलेक्शन होना था। बीते रविवार को वार्ड नंबर 9 स्थित संकटमोचन मंदिर में चुनाव होने की सूचना प्रचारित कर सभा बुलाई गई। लगभग 600 लोग इस सभा में पहुंचे। कार्रवाई शुरू होने के बाद सेलेक्शन से पहले सभा में हंगामा हो गया। संगठन के कुछ वरिष्ठ सदस्यों का दावा है कि संविधान में चुनाव लिखा गया है। जो संविधान पास किया गया उसमें सूरज पहलवान ही प्रधान हैं। हंगामे के 12 घंटे बाद ही डॉ. महेंद्र ने सोशल मीडिया पर प्रधान सूरज पहलवान पर कमेंट करते हुए लिखा कि ध्वज बांटने से सेवा नहीं हो जाती है। दो धड़ों में बंटे संगठन के सदस्यों के बीच उनका कमेंट चर्चा का विषय बना रहा। कई सदस्यों ने इस घटना पर खेद व्यक्त किया। संगठन के सूत्रों के मुताबिक डॉ. महेंद्र शर्मा पहले इस संगठन में सचिव के पद पर रहे। उनके मामा वेद प्रकाश तब भी कैशियर थे। संगठन में जो कुछ माल आया उसे संभालने की जिम्मेदारी सचिव की होती है। कैशियर तो बस पेमेंट का हिसाब संभालता है। उस समय जब ये सब बंटता रहा तो ये मामला नहीं उठाया। प्रधान पर अब आरोप लगा कर संगठन को माटी के मोल बिकने का दावा कर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर किसने क्या कहा :

-नगर में ऊंट, घोड़े, गाय, शंख और ध्वज को लोगों में बांट देने को सेवा कहते हैं तो नगर के सारे अमीर संस्थाओं के अध्यक्ष होते।

डॉ. महेंद्र शर्मा, धर्म क्षेत्र महामंत्री

महेंद्र शर्मा जी जब तक आप महामंत्री थे तब भी यह सब बांटे थे। तब तक यह ठीक था उस वक्त आप ने नहीं देखा। अब यह सब गलत कैसे हो गया।

सूरज पहलवान, निर्वतमान प्रधान, सनातन धर्म संगठन 12 को हो सकती है बैठक

संगठन के वरिष्ठ सदस्यों के मुताबिक 12 सितंबर को दोबारा बैठक बुलाने की संभावना है। इस बैठक में सूरज पहलवान और वेद प्रकाश शर्मा की तरफ से नामित पांच-पांच लोग होंगे। कमिश्नर रमेश नांगरु, तरुण गांधी और पुरुषोत्तम शर्मा की मौजूदगी में दोनों पक्ष में सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।

Posted By: Jagran