पानीपत, जागरण संवाददाता। बहन के अंतरजातीय विवाह से खफा दो भाइयों (एक सगा, दूसरा ममेरा) ने जीजा की चाकुओं से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनीषा बतरा ने दोनों को दोषी करार दिया है, सजा बुधवार को सुनाई जाएगी। अदालत ने केस को विशेष अपराध की श्रेणी में रखकर सुनवाई की है। वारदात एक जनवरी, 2021 को भावना चौक, शिव मंदिर के पास घटित हुई थी।

पीडि़त पक्ष की पैरवी सरकार की ओर से सहायक जिला न्यायवादी अरविंद शर्मा ने की है। उन्होंने बताया कि पुलिस चौकी तहसील कैंप में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। न्यू रमेश नगर में किराए के घर में रहने वाले गुलशन कुमार ने शिकायत में पुलिस को बताया था कि उनके पुत्र नीरज ने 23 नवंबर 2020 को भोला चौक, विजय नगर वासी कोमल पुत्री कश्मीरी लाल (गांव भुसकाणी, जिला रोहतक) से मंदिर में प्रेम विवाह किया था। कोमल का भाई विजय उर्फ छोटा इस शादी से खुश नहीं था, वह नीरज से रंजिश रखने लगा था। एक जनवरी, 2021 की शाम करीब 7:30 बजे नीरज लवली हैंडलूम से ड्यूटी कर घर की ओर लौट रहा था। जैसे ही वह भावना चौक शिव मंदिर के पास पहुंचा विजय और उसके ममेरे भाई पवन पुत्र रोहताश निवासी जावा कालोनी (मूल निवासी गांव रभडा जिला सोनीपत) ने उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए और भाग गए।

वारदात के बाद लोगों की मदद से नीरज को अस्पताल ले जाया गया, चिकित्सकों ने उसे मृत बताया। पुलिस ने तीन दिन बाद विजय और पवन को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त खून से सने दो चाकू, जींस पैंट व अन्य कपड़े बरामद किए थे। तभी से दोनों जेल में हैं। जिला सहायक न्यायवादी के मुताबिक इस केस में शिकायतकर्ता, चश्मदीद गवाह उसका बेटा योगेश, कोमल सहित 16 गवाह पेश हुए हैं। सेशन कोर्ट ने विजय और पवन को दोषी करार दे दिया है।

Edited By: Anurag Shukla