जागरण संवाददाता, पानीपत : दीक्षा एप के जरिये आनलाइन निष्ठा प्रशिक्षण 2.0 चल रहा है। इसमें राजकीय के साथ एचबीएसई (हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड) से मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों के नौंवी से बारहवीं कक्षा के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। लेकिन प्रशिक्षण के दौरान राजकीय स्कूलों के शिक्षकों की हाजिरी जहां 90 फीसद से ऊपर है, वहीं प्राइवेट स्कूल के शिक्षक कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इससे पहले प्राथमिक और मिडिल स्कूल के शिक्षकों को 18 माड्यूल का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

बता दें कि नई शिक्षा नीति के तहत एनसीईआरटी की ओर से शिक्षकों को प्रशिक्षण देने को लेकर निष्ठा कार्यक्रम चलाया गया है। प्रदेश में इसको लेकर एससीईआरटी को जिम्मेदारी मिली है। पानीपत में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) से उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम को कराया जा रहा है जोकि एक अगस्त से शुरू हो चुका है और 31 दिसंबर तक चलेगा। प्रशिक्षण का मकसद शिक्षकों को अपडेट करना है, जिससे वह बच्चों में किसी चीज को गहराई से सोचने की क्षमता विकसित कर सकें। प्रशिक्षण की इस पहल से स्कूली शिक्षा को मजबूती मिलेगी। लेकिन निजी स्कूलों के शिक्षक कार्यक्रम को ज्वाइन न करके अभियान को कमजोर कर रहे हैं। सीआरसी से लेकर जिला स्तर पर टेक्निकल टीम गठित

निष्ठा कार्यक्रम को लेकर सीआरसी (क्लस्टर) लेवल से लेकर जिला स्तर पर प्रशिक्षण के लिए टीम गठित की गई है। इसमें हर स्तर पर दो टेक्निकल को-आर्डिनेटर व दो एकेडमिक कोर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। उन्हीं के जरिये शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। क्या है निष्ठा 2.0 प्रशिक्षण के माड्यूल

निष्ठा प्रशिक्षण 2.0 के तहत इस बार 13 माड्यूल निर्धारित किए गए हैं। 12 माड्यूल सामान्य मुद्दे के हैं, वही लास्ट माड्यूल विषयों के शिक्षण शास्त्र से सम्बंधित है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षक को बताया जा रहा है कि किस तरह निष्ठा माडल के तहत बच्चों को पढ़ाया जाए, ताकि उनका और बौद्धिक विकास हो सके। इसमें बच्चों के बीच खेल, क्विज प्रतियोगिता, प्रेरक बातचीत के आधार पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य करना है। बौद्धिक विकास पर जोर

प्रशिक्षण में किताबों के बजाय बच्चों के बौद्धिक विकास पर जोर दिया गया है। टेक्निकल को-आर्डिनेटर ममता दहिया ने बताया कि बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ उसके दवाब से बाहर निकालना है। साथ ही बच्चों को रटने-रटाने की पद्धति से बाहर निकाल उनमें वैज्ञानिक और नैसर्गिक सोच पैदा करना है। इसके अलावा प्रशिक्षण में सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा, पर्यावरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि विषयों पर भी फोकस रहेगा। गैर राजकीय स्कूल शिक्षकों की हाजिरी न के बराबर

टेक्निकल को-आर्डिनेटर ममता दहिया ने बताया कि निष्ठा प्रशिक्षण 2.0 सेकेंडरी लेवल के शिक्षकों को लेकर है। जिले में राजकीय व मान्यता प्राप्त गैर राजकीय स्कूलों के 1634 शिक्षक है। कार्यक्रम को राजकीय स्कूलों को 90 फीसद से ज्यादा शिक्षक आनलाइन ज्वाइन कर रहे हैं। लेकिन गैर राजकीय स्कूलों के शिक्षकों की हाजिरी न के बराबर है। जो चिता का विषय है।

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