करनाल, जेएनएन। जून माह में प्री मानसून की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। पहला पखवाड़ा बीत रहा है, लेकिन बरसात के लिहाज से यह बहुत बेहतर साबित हुआ है। एक से 12 जून तक करनाल जिले में 75.1 एमएम बरसात दर्ज की जा चुकी है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार अभी बरसात यानि प्री मानसून की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। यानि दूसरे पखवाड़े में भी बरसात संभव है। दूसरे पखवाड़े में भी यदि अच्छी बरसात हुई तो यह किसानों के लिए किसी सोना बरसने से कम नहीं होगी, क्योंकि इन दिनों धान रोपाई का काम तेजी से होता है और पानी की ज्यादा जरूरत है। वहीं तापमान का आंकलन किया जाए तो मई माह में लू नहीं चली। जून माह में भी महज चार से पांच दिन तक गर्मी देखने को मिली है। बरसात से मौसम बैलेंस हो गया है।

इस साल बरसात देती रही है राहत

वर्ष 2021 में किस माह कितनी हुई बरसात

माह बरसात एमएम में

जनवरी 36.4

फरवरी 23.8

मार्च 4.0

अप्रैल 2.8

मई 37.4

12 जून तक 75.1

कुल 179.5 एमएम

जून माह बरसात की महत्वता अधिक होती है, इसलिए पिछले 10 साल में बरसात की स्थिति जानिये

वर्ष बरसात एमएम में

2011 148.3

2012 नो ट्रेस

2013 156.6

2014 31.2

2015 54.4

2016 43.1

2017 257.0

2018 270.5

2019 18.3

2020 103.9

2021 75.1

नोट : यह आंकड़े मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए हैं।

गर्मी अभी तक नहीं दिखा पाई है ज्यादा असर

गर्मी की शुरूआत मई में हो जाती है। लेकिन मई माह में लगातार सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभों के कारण तापमान सामान्य से नीचे रहा। मई माह में लू भी चलती है, लेकिन मई 2021 में मौसम सुहावना रहा है। जब भी गर्मी थोड़ी सी भी बढ़ी बरसात ने राहत दी है। जून माह के पहले 12 दिनों का विशलेषण करें तो अभी तक इस माह में भी चार से पांच दिन ही ज्यादा गर्मी दर्ज हो पाई है। यानि जब तापमान 40.0 डिग्री से ऊपर गया हो। जबकि पिछले 10 सालों में अक्सर अधिक भीषण गर्मी व उमस लोगों को झेलनी पड़ी है।

जून में हर साल चरम पर गर्मी, पिछले 10 साल की स्थिति

वर्ष अधिकतम तापमान

2011 39.4 डिग्री सेल्सियस

2012 45.2

2013 42.0

2014 46.0

2015 43.0

2016 42.2

2017 45.4

2018 42.0

2019 44.4

2020 39.5

9 जून 2021 42.1

नोट : ये आंकड़े मौसम विभाग की ओर से जारी किए गए हैं।

सात व नौ जून 2014 में हुई थी रिकार्ड गर्मी

पिछले 10 साल के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो सात व नौ जून 2014 को रिकार्ड तोड़ गर्मी हुई थी। अधिकतम तापमान 46.0 डिग्री तक पहुंच गया था। इस समय जिस प्रकार से मौसम की परिस्थितियां बनी हुई हैं, इस वर्ष भी तापमान 43.0 से 44.0 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। वहीं 16 जून 2011 को सबसे कम 39.5 डिग्री तक ही तापमान गया था। उस दौरान पश्चिमी विक्षोभ के लगातार सक्रिय होने के कारण तापमान ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाया था।

सही गति से आगे बढ़ रहा मानसून

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले तीन से चार दिन में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी और उससे सटे ओडिशा और गंगा के ऊपर बना हुआ है। आने वाले तीन से चार दिनों के दौरान गुजरात के कच्छ क्षेत्र व राजस्थान की तरफ मानसून आगे बढ़ने की प्रबल संभावना है। जिस गति से मानसून आगे बढ़ रहा है, संभव है कि जुलाई माह के पहले सप्ताह में मानसून हरियाणा में दस्तक दे दे।

Edited By: Anurag Shukla