जागरण संवाददाता, पानीपत : सरकार को हर माह करोड़ों रुपये का राजस्व देने वाला पानीपत शहर अंधेरे में है। शहर की करीब 80 फीसद स्ट्रीट लाइटें ठप हैं। नगर निगम को मेंटनेंस करने वाली बालाजी इलेक्ट्रिकल्स पर स्ट्रीट लाइटों की वायर निकालने की शिकायत मिली है। अब निगम ने कंपनी को ब्लैक लिस्ट करने का फैसला लिया है। वहीं कंपनी निदेशक ने निगम अधिकारियों पर टारगेट करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निगम अधिकारियों के कहने पर जून में टेंडर खत्म होने के बावजूद दो महीने से काम कर रहे हैं।

नगर निगम ने सोमवार को बालाजी इलेक्ट्रिकल्स को 10 फीसद पेनल्टी लगाकर एक सप्ताह का नोटिस दिया है। अधिकारियों ने नोटिस में साफ लिखा है कि शहर में करीब 80 फीसद स्ट्रीट लाइट ठप पड़ी हैं। कंपनी और कारीगर फोन तक नहीं उठा रहे हैं। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। निगम भी कसूरवार

नगर निगम शहर में अंधेरा होने पर बराबर का कसूरवार है। निगम की शर्तानुसार बालाजी इलेक्ट्रिक्ल्स का कांट्रेक्ट 30 जून को खत्म हो गया। निगम ने बार-बार शिकायत मिलने के बाद दो महीने की अप्रूवल दे दी। इस दौरान निगम को लगातार मेंटनेंस न किए जाने की शिकायत मिलती रही। हर सड़क की स्ट्रीट लाइट खराब

शहर में करीब 20 हजार स्ट्रीट लाइट हैं। नगर निगम हर महीने स्ट्रीट लाइटों के मेंटेनेंस पर लाखों रुपये खर्च करता है। बावजूद इसके शहर की स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। वहीं कई जगह दिन में ही लाइट जल रही है। पॉश एरिया मॉडल टाउन, सेक्टरों और कॉलोनियों में शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। कंपनी ने इस बार घाटे में ले लिया टेंडर

नगर निगम ने अब शहर की स्ट्रीट लाइटों के टेंडर जगजीत ¨सह सेठी कंपनी को दिया है। निगम के दोनों टेंडर कंपनी ने करीब 50 फीसद तक घाटे में लिया है। नगर निगम ने सोमवार को कंपनी को वर्क आर्डर भी जारी कर दिया। नगर निगम ने स्ट्रीट लाइट मेंटेनेंस का एक टेंडर 15.50 लाख रुपये में जारी किया था। कंपनी ने यह 7 लाख में लिया है। दूसरा टेंडर 39 लाख रुपये का था। कंपनी ने यह टेंडर 17 लाख रुपये में लिया है। कंपनी की देखेरख करने वाले राजकुमार ने बताया कि निगम अधिकारियों से स्ट्रीट लाइटों की रिपोर्ट ले ली है। वे एक महीने में लाइटों को चालू कर देंगे। मैंने अधिकारियों के कहने पर दो महीने अतिरिक्त काम किया

बालाजी इलेक्ट्रिकल्स के निदेशक सोनू पुनिया ने बताया कि शहर की स्ट्रीट लाइटों की वायर निकालने के आरोप निराधार हैं। मेरा नगर निगम के साथ 30 जून तक का कांट्रेक्ट था, लेकिन निगम आगे टेंडर नहीं लगा पाया। अधिकारियों के कहने पर एक महीने की पहले और दूसरे महीने की बात में अप्रूवल लेकर काम किया। मेरे सामने भी वायर निकालने के आरोप की बात आई थी। मैंने निगम अधिकारियों को किसी कर्मी के करते पकड़े जाने पर मुकदमा दर्ज कराने की कह रखी है। निगम अधिकारी अपनी कमजोरी छुपाने के लिए कंपनी को टारगेट कर रहे हैं। अंधेरगर्दी के चलते अंधेरे में शहर : सुरेश वर्मा

निवर्तमान मेयर सुरेश वर्मा ने बताया कि अधिकारियों की अंधेरगर्दी के चलते शहर अंधेरे में है। अब निगम कमिश्नर के पास काम कराने की पावर है। उनके समय में ऐसा नहीं होता था। शहर में किसी भी शिकायत पर तुरंत काम कराया जाता था। वे लंबे समय से नगर निगम की विजिलेंस जांच कराने की मांग कर चुके हैं। वर्जन

शहर में स्ट्रीट लाइटों को लेकर कई जगह से शिकायत मिल रही हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि सोनू पुनिया की कंपनी ने स्ट्रीट लाइटों की वायर निकाल ली हैं। सोनू पुनिया की बालाजी इलेक्ट्रिक कंपनी को एक सप्ताह का नोटिस जारी कर दिया है। कंपनी जवाब नहीं देती है तो उसको ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।

अंकित लोहान, एक्सईएन, नगर निगम।

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