पानीपत/जींद,जेएनएन। गांव पौली निवासी किसान रमेश की बर्बाद हुई धान की फसल का मुआवजा राशि जारी करने की एवज में 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पटवारी रविंद्र को विजिलेंस की टीम ने रंगे हाथों काबू कर लिया। विजिलेंस की टीम पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर पूछताछ कर रही है।

रमेश ने विजिलेंस में दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2017 में बरसात के चलते उनकी पांच एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई थी। बर्बाद हुई फसल का करीब 40 हजार रुपये मुआवजा मंजूर हुआ था। बर्बाद हुई फसल का सभी किसानों का मुआवजा उनके बैंक खातों में डाला जा चुका था, लेकिन पटवारी सेक्टर चार रोहतक निवासी रङ्क्षवद्र उनकी मुआवजा राशि जारी करने के लिए 20 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा था। शिकायत मिलने पर सफीदों की बीडीपीओ कीर्ति सिरोहवाल को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करके छापेमारी दल का गठन किया। जहां पर शिकायतकर्ता किसान रमेश को दो-दो हजार के दस नोट ड्यूटी मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षरयुक्त दिए। 

20 हजार रुपये की नगदी बरामद की

जब किसान ने पटवारी से फोन पर संपर्क किया तो उसने जुलाना पटवारखाने में बुला लिया। जहां पर रिश्वत के पैसे देते ही किसान ने टीम की तरफ इशारा कर दिया। टीम ने छापेमारी करके पटवारी के पर्स से रिश्वत के लिए हुए 20 हजार रुपये की नगदी को बरामद कर लिया। विजिलेंस इंचार्ज बलवान सिंह ने बताया कि आरोपित पटवारी को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

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