पानीपत, [विजय गाहल्याण]। समालखा में दिल दहला देने वाले तिहरे हत्याकांड की पटकथा नूरहसन ने पहले ही लिख ली थी। टीवी पर क्राइम शो देखता रहता था। इसी से हत्या करने के तरीके से लेकर बचाव के उपाय उसने सोचे। वारदात के दौरान मोबाइल फोन को खुद से दूर रखा। अपनी चाल से 15 दिन तक पुलिस को शिकस्त देता रहा। वारदात के पांच दिन तक मजदूरी करता रहा। वारदात के सात दिन बाद समालखा के कालीरामणा पाणा में किराये के कमरे को छोड़ना उसके लिए भारी पड़ गया। एसआइटी (स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम) के शिकंजे में फंस गया।

एसआइटी के सामने वह गिड़गिड़ाकर बोला कि गलती हो गई। पत्नी मधु, साली मनीषा और सास जमीला ने जीना हराम कर दिया था। दिहाड़ी करने के साथ-साथ बच्चों को संभालना मुश्किल हो गया था। पत्नी और साली की एक साथ हत्या कर एक ही जगह शव डालकर जलाने की साजिश थी। इसी के तहत 28 अगस्त को साली को ससुराल सोनीपत के गामड़ी गांव से ये कहकर लाया था कि पत्नी (मधु) बीमार है।

नूरहसन ने एसआइटी को बताया कि पत्नी के शव को चुलकाना के पास जला डाला। साली के शव के साथ दरिंदगी की। शव को रजाई में लपेट बाइक से ले जा रहा था। सामने से बाइक की लाइट दिखी तो डर की वजह से शव को सीवर ट्रीटमेंट प्लांट में डालकर ऊपर से चार-पांच ईंटें डाल दी। अफसोस है कि वह साली के शव को पत्नी के शव के साथ में नहीं जला पाया।

पत्नी व साली का फोन बंद सास से करता रहा बातें

वारदात के बाद नूरहसन ने पत्नी व साली के मोबाइल फोन बंद कर दिए। अपने मोबाइल से सास जमीला से बात करता रहा, ताकि शक न हो। 6 सितंबर की सुबह नूरहसन डेढ़ साल व करीब तीन साल के बेटों को साथ लेकर दिहाड़ी पर गया। शाम को दोनों बेटों को मां के पास सोनीपत के बैंयापुर गांव छोड़ आया। 11 सितंबर को उसने कमरा खाली कर दिया।

प्रेम विवाह किया था, पर एक-दूसरे पर करते थे शक

नूरहसन की 2007 में पहली शादी हुई थी। पहली पत्नी से दो बेटी व एक बेटा है। उसे मंदबुद्धि बता तलाक दे दिया था। मधु की पहले दो शादी हुई थी। वर्ष 2014 में नूरहसन मां व स्वजनों के साथ रिश्ते के लिए गामड़ी गया था। मधु व नूरहसन दोनों ने एक दूसरे को पसंद कर लिया था। मधु के स्वजन रिश्ता नहीं करना चाहते थे। बाद में दोनों ने प्रेम विवाह कर लिया था। नूरहसन का परिवार चुलकाना, समालखा के प्रीतमपुरा और फिर कालीरामणा पाणा में रहा। दोनों एक-दूसरे चरित्र पर संदेह करते थे। इसी वजह से मां व बेटियों की हत्या हो गई। घर भी उजड़ गया।

दिहाड़ी के रुपये मांगने आया तो पकड़ा गया

हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए एसपी मनीषा चौधरी ने डीएसपी क्राइम राजेश फोगाट के नेतृत्व में एसआइटी बनाई। इसमें सीआइए-वन और समालखा थाना प्रभारी शामिल किए गए। पुलिस ने पहले मोबाइल की थ्योरी पर काम किया। ये फेल हो गई। इसके बाद पुलिस ने आसपास की फैक्ट्री और मुर्गी फार्म खंगाले। नतीजा शून्य रहा। आशंका जताई गई कि शव आसपास कालोनियों के हो सकते हैं। करीब 60 पुलिसकर्मियों ने चार कॉलोनियों में घर-घर जाकर 200 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान पता चला कि नूरहसन कमरा खाली करके गया है और उसकी ससुराल गामड़ी गांव में है। वहां अधजला कपड़ा मिला। कड़ियां जुड़ती गईं। गामड़ी गए तो यह स्पष्ट हो गया कि तीन शव दो बेटियों व एक मां के हैं। 23 सितंबर को नूरहसन मनाना गांव के पास दिहाड़ी के रुपये लेने आया तो काबू कर लिया गया।

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