जागरण संवाददाता, पानीपत : मंडियों में लिफ्टिग नहीं होने से जाम की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर गेहूं डालने पर किसान मजबूर हो रहे हैं। बाबरपुर मंडी में बारदाना नहीं आने के कारण बुधवार को खरीद नहीं हो सकी। खरीद एजेंसी हैफेड को बैरंग लौटाना पड़ा। पानीपत अनाज मंडी में उठान नहीं होने के कारण ढाई लाख कट्टे गेहूं के खुले में पड़े हैं। किसानों चिता सता रही है बारिश हुई तो नुकसान उठाना पड़ेगा। बुधवार को पानीपत अनाज मंडी 46630 क्विटल गेहूं की खरीद हुई।

देर शाम बारदाने की बंदर बांट

दिन भर बारदाने का आढ़ती इंतजार करते रहे। देर शाम मंडी में बारदाना आया। आढ़तियों के साथ-साथ बारदाना लेने के लिए किसान टूट पड़े। वेयर हाउस के अधिकारियों ने बारदाने के बंदर बांट की। जिन लोगों की खरीद हो चुकी है ,उन्हें बारदाना कम मिला। जबकि जिनकी खरीद नहीं हुई, उन आढ़तियों को अधिक बारदाना दिया गया। आढ़ती प्रवीण ने बताया कि अधिकारी जानबूझकर परेशान कर रहे हैं। सेवानिवृत्त अधिकारी रणधीर को लगाया गया है। जो बंदर बांट कर रहा है।

बाबरपुर में परचेज नहीं

बाबरपुर मंडी के आढ़ती ओमप्रकाश मित्तल ने कहा कि बारदाना नहीं आने के कारण परचेज नहीं हुई है। 14 दिन बीतने के बाद भी भुगतान नहीं मिल रहा है। 72 घंटे में पेमेंट किसानों के खाते में आने की बात कही गई थी। किसानों के खाते में अभी कोई पैसा नहीं आया है।

एक दिन पहले समालखा मंडी में भी बारदाने की कमी के कारण परचेज नहीं हुई थी। मंडी में जाम की स्थिति बनी हुई है। जीटी रोड तक गेहूं पड़ा हुआ है।

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