पानीपत जेएनएन। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 314 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है। दु:खद पहलू यह कि मृतकों में 80 फीसद सीनियर सिटीजन हैं। सीधा अर्थ, कोरोना वायरस बुजुर्गों को जल्द नुकसान पहुंचाता है।संक्रमित युवाओं का प्रतिशित 50 फीसद से भी अधिक है, मौत रेट देखें तो एक फीसद भी नहीं है। ऐसे में हर परिवार की यह जिम्मेदारी है कि बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखें।

सिविल अस्पताल के कंसलटेंट डा. जितेंद्र त्यागी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर बहुत घातक है। अप्रैल में 86 मरीजों की मौत हुई थी। मई के आठ दिनों में 64 मरीजों की मौत हो गई है। बुजर्गों की मौत होने का मुख्य कारण, शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर होना है। रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी के चलते कोरोना वायरस आसानी से आक्रमण कर देता है। ऐसे व्यक्ति को जल्द शिकार बनाता है, जो पहले से बीमार-कमजोर हो।

परिवार का हर सदस्य जागरूक रहे तो कोरोना से बुजुर्गों को बचाया जा सकता है। घर का हर सदस्य मास्क पहनकर ही घर से बाहर निकले। घर के सदस्यों से भी कुछ दूरी बनाते हुए बात करें। घर में प्रवेश करते ही सबसे पहले खुद को सैनिटाइज करें, इसके बाद ही बुजुर्गों से मिलने के लिए कक्ष में पहुुंचें। बुजुर्गों को डाइट में विटामिन सी की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए। इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।

नाश्‍ते में दलिया खाएं

डा. त्यागी के मुताबिक सुबह नाश्ते में दलिया खाएं। इसमें फाइबर बहुत होता है, पांचन तंत्र मजबूत रहता है। घर में बना ताजा भोजन खाएं। रोटी के साथ सलाद, मटर, हरी सब्जियां, मेवा की मात्रा बढ़ाएं। स्प्राउट्स, ब्रोकली, शिमला मिर्च का सेवन करें।

पहले से कोई बीमारी है तो सजग रहें

परिवार के किसी बुजुर्ग को दमा, दिल संबंधी बीमारी, टीबी, शुगर और उच्च रक्तचाप की शिकायत है तो दवा न टूटने दें। कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज अवश्य लगवाएं। बुजुर्ग को मामूली बुखार-खांसी भी हो तो जांच जरूर कराएं।