पानीपत, जेएनएन। पानीपत के बिंझौल गांव के तीन बच्‍चों की मौत के मामले में इंसाफ मांगने पर ग्रामीणों को लाठियां मिलीं। ग्रामीणों को जीटी रोड से हटाने पर पुलिस ने पहले पानी की बौछार की और फ‍िर लाठीचार्ज कर खदेड़ा। वहीं ग्रामीणों की तरफ से भी पथराव किया गया।

बिंझौल गांव के तीन बच्‍चों की हत्‍या का आरोप ब्‍लीच हाउस के मालिकों व वहां रह रहे लोगों पर लगाया गया था। वहीं ग्रामीण आरोप लगाते हुए रोड जाम करने पहुंचे। लोगों का आरोप है कि पुलिस अब तक किसी को पकड़ नहीं सकी। ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। जीटी रोड पर जाम लगा दिया। 

सुबह करीब 11 बजे बिंझौल के करीब एक हजार से ज्‍यादा ग्रामीण जीटी रोड पर आ गए। वे तीन बच्‍चों की मौत के मामले में इंसाफ की मांग कर रहे थे। जीटी रोड पर प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। इसके बाद जाम लग गया। इससे यातायात व्‍यवस्‍था पूरी तरह से ध्‍वस्‍त हो गई। गाडि़यों को रूट डायवर्ट करके निकाला गया। कुछ ही देर में पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंच गया। वाटर कैनन और पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। पुलिस का कहना है कि रोड खाली कराने को लेकर ग्रामीणों ने बहस शुरू कर दी और पथराव किया। इसके बाद पानी की बौछार करके लाठीचार्ज करना पड़ा। इसमें ग्रामीणा और पुलिसकर्मी भी घायल हुए। कई गाडि़यों को भी कब्‍जे में लिया गया।

इस वजह से बढ़ा मामला 

दरअसल बिंझौल के ग्रामीण स्‍काईलार्क के पास एकजुट हुए। उनका समर्थन देने के लिए कश्‍यप समाज संघर्ष समिति, खेत मजदूर संघ और नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ भी पहुंच गया। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। करीब एक घंटे तक रोड जाम से यातायात बेहाल हो गया। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर जाम खोलने को कहा तो ग्रामीण नहीं मानें। इसी बीच सीआइए थ्री के पुलिसकर्मी वहां गाड़ी से आ रहे थे। तभी कुछ लोगों ने उन्‍हें गाड़ी से खींच लिया और मारपीट करने लगे। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। ग्रामीणों तरफ से भी पथराव होने लगा। इसमें एक इंस्‍पेक्‍टर सहित दस पुलिसकर्मी घायल हो गए। वहीं करीब 20 प्रदर्शनकारी भी घायल हो गए। इस दौरान पानीपत से लेकर सिवाह और स्‍काईलार्क से लेकर बाबरपुर तक करीब पांच किमी लंबा जाम लग गया। वहीं करीब 20 से ज्‍यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही कई ट्रैक्‍टर, ट्राली, स्‍कूटी बाइक को भी जब्‍त किया गया। 

ये था मामला

बिंझौल गांव के अरुण, लक्ष्य और वंश की मौत हुई थी। 7 जुलाई को छह बच्‍चे ब्लीच हाउस में पतंग की डोर लेने गए थे। स्वजनों का आरोप है कि अरुण, वंश व लक्ष्य को केमिकल के टैंक में डुबोकर मार डाला। फिर शवों को रजवाहे में फेंक दिया। सागर, सचिन और  सावन ने भागकर जान बचाई। आठ मरला चौकी में ब्लीच हाउस संचालक सहित 12 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज है। 

Panipat

हो चुकी पंचायत 

बिंझौल के पशु अस्पताल में कश्यप समाज ने पंचायत की थी। गिरफ्तारी न होने से रोष जताया। पुलिस प्रशासन पर मिलीभगत का  आरोप लगाया। इस मौके पर निर्णय लिया गया कि 21 सदस्यीय कमेटी सोमवार को एसपी मनीषा चौधरी से मिलेगी। अगर फिर भी पुलिस प्रशासन ने उनकी सुनवाई नहीं की तो कमेटी निर्णय लेगी। 19 तक हत्या आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग उठी। इतने दिन बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ तो जाम लगा दिया। 

Posted By: Anurag Shukla

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस