पानीपत, महावीर गोयल। इस बार धान ने किसानों के साथ-साथ मिलरों की झोली भरने का काम किया। किसानों को जहां फसल का पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर दाम मिला। वहीं मिलरों को मार्केट फीस में छूट का विशेष लाभ मिला। इस वर्ष मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने धान पर मार्केट फीस 2500 रुपये क्विंटल के दाम से अधिक भाव होने पर 50 रुपये प्रति क्विंटल फ्लैट रेट घोषित किया था। जिसका लाभ राइस मिलरों को मिला। अकेले पानीपत में राइस मिलरों को डेढ़ से दो करोड़ रुपये का लाभ मिला। प्रदेश में यह आंकड़ा 50 से 100 करोड़ तक जा सकता है।

2500 रुपये प्रति क्विंटल के ऊपर के भाव पर दो प्रतिशत के स्थान पर 50 रुपये प्रति क्विंटल फीस करने से प्राइवेट मिलरों को मिला करोड़ों का फायदा

धान पर दो प्रतिशत मार्केट फीस और दो प्रतिशत हरियाणा रुरल डेवलपमेंट फंड (एचआरडी) लागू है। सरकार ने  इस सीजन में मार्केट फीस दो प्रतिशत के स्थान पर 2500 रुपये क्विंटल के ऊपर 50 रुपये फ्लैट की। पीआर धान को छोड़कर सभी धान पर मार्केट फीस में बदलाव किया गया। इसका सीधा लाभ मिलर को मिला। इस वर्ष सभी किस्म की धान का भाव 2500 रुपये क्विंटल से अधिक रहा। अधिक भाव मिलने से लाभ किसानों को मिला।

मिलर को कम मार्केट फीस देने लाभ मिला। पीआर धान की सरकारी खरीद होती है। जिसका समर्थन मूल्य निर्धारित है। इसके अतिरिक्त सभी किस्म की धान प्राइवेट मिलर खरीद करते हैं। प्राइवेट मिलर द्वारा खरीद की जाने वाली सभी किस्म की धान पर मार्केट फीस कम होने का लाभ मिलर को मिला। 2500 रुपये क्विंटल तक मार्केट फीस  दो प्रतिशत रही। अर्थात सरकारी धान की खरीद पर दो प्रतिशत फीस लगी।

पानीपत में नोन पीआर धान की आवक सात लाख क्विंटल रही

अब तक पानीपत व बाबरपुर मंडी में नोन पीआर धान की सात लाख क्विंटल धान का आवक हो चुकी है। धान के भाव अलग-अलग किस्म के 3500 से लेकर 6000 रुपये क्विंटल तक रहे। पानीपत में मार्केट कमेटी को धान की आवक पर साढ़े तीन करोड़ के लगभग मार्केट फीस मिली है। यदि 2500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर फ्लैट 50 रुपये क्विंटल मार्केट फीस की शर्त न होती तो मार्केट कमेटी को लगभग साढ़े पांच करोड़ की फीस मिल गई होती।

धान के रेट इस प्रकार रहे

1509  :  3100 से 3600 रुपये प्रति कि्वंटल

बासमती : अलग-अलग वैरायटी 3500 से 6071 रुपये प्रति क्विंटल

Edited By: Naveen Dalal

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